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Bihar : पोक्सो केस में फंसाने की धमकी देकर 2 लाख की रिश्वत मांगने वाला दारोगा 50 हजार लेते गिरफ्तार

Aurangabad (मृत्युंजय) : बिहार के औरंगाबाद जिले के रिसियप थाना के एक दारोगा को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दारोगा ने मारपीट के मामले में राहत दिलाने के नाम पर पीड़ित से दो लाख रुपये की मांग की थी और रकम न देने पर पोक्सो केस में फंसाने की धमकी दी थी।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस उपाधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि रिसियप थाना क्षेत्र के तेंदुआ गणपत निवासी ग्रामीण चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण राम ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि नाली विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में रिसियप थाना के दारोगा उमेश कुमार उनसे दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। रिश्वत न देने पर पोक्सो केस में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई। पीड़ित को दारोगा से लेनदेन करने को कहा गया। बातचीत के बाद मामला दो किश्तों में एक लाख रुपये में तय हुआ।

रिश्वत की डील तय होने पर पुलिस उपाधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में निगरानी की टीम शुक्रवार को पटना से रिसियप पहुंची। पीड़ित लक्ष्मण राम दारोगा को रिश्वत देने रिसियप थाना पहुंचे। दारोगा उन्हें थाना के पीछे स्थित पंचायत सरकार भवन के पास ले गया। रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये लेते ही पीछे से निगरानी की टीम ने दारोगा उमेश कुमार को रंगेहाथ दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम रिश्वतखोर दारोगा को पटना स्थित निगरानी थाना ले गई। शनिवार को दारोगा को निगरानी की विशेष अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।

पीड़ित डॉ. लक्ष्मण राम ने बताया कि तेंदुआ गणपत गांव में नाली-गली के पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। 14 जुलाई को दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें वह घायल हो गए थे। डायल-112 की टीम उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गई थी। दूसरे पक्ष की ओर से रंजीत राम की पत्नी रेशमी देवी ने भी रिसियप थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया था। दोनों मामलों की जांच की जिम्मेदारी एसआई उमेश कुमार को सौंपी गई थी। जांच के दौरान दारोगा लगातार रिश्वत देने का दबाव बना रहे थे। पहले दो लाख रुपये मांगे, फिर डेढ़ लाख में मामला निपटाने की बात कही। सौदेबाजी के बाद मामला दो किश्तों में एक लाख रुपये में तय हुआ। पीड़ित ने बताया कि दारोगा ने कहा था कि यह रकम ऊपर इंस्पेक्टर तक पहुंचेगी और बहुत कम रकम में मामला सुलझाया जा रहा है।

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