Friday, 30 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में रास्ते से गाड़ी हटाने को कहा तो गार्ड और स्टाफ ने युवक को पीटा, सीसीटीवी में कैद हुई घटनाHapur News : हापुड़ में करवा चौथ पर दिखी आस्था की छटा, महिलाओं ने की पति की दीर्घायु की कामनाHapur News : हापुड़ देहात पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 50 हजार का इनामी तस्कर शाह आलम दबोचाLucknow : स्पीड, स्केल और कनेक्टिविटी के मंत्र ने बदली उप्र की तस्वीर: मुख्यमंत्रीNayab Singh Saini: ‘मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेचने का काम कर रहे राहुल गांधी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीInternational Gita Mahotsav: श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें राज्यपाल, गीता जयंती से कुरुक्षेत्र की विश्व स्तर पर बनी पहचान: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीHaryana Sugarcane Price: गन्ना किसानों के हित में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बड़ी घोषणा, दो साल में 35 रुपये बढ़ेगा भावLucknow : योगी सरकार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर, परिषदीय विद्यालयों में 17 से 21 नवंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं

लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों में अब नहीं लेनी होगी एसडीएम की अनुमति

ग्रेटर नोएडा में आबादी की जमीन की लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है
ग्रेटर नोएडा में आबादी की जमीन की लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है

अमर सैनी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में आबादी की जमीन की लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अब लोगों को आबादी की जमीन की लीजबैक और शिफ्टिंग के मामलों में एसडीएम की अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने इसका रास्ता निकाला है। दरअसल, सीईओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।

नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण के एक-एक एसीईओ सदस्य होंगे। इस प्रस्ताव पर बीते 12 मार्च को हुई यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मुहर लग चुकी है। प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में इससे संबंधित पॉलिसी पास होगी। इससे लीजबैक व शिफ्टिंग के प्रकरणों के निस्तारण में आसानी होगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के सैकड़ों किसानों को लाभ होगा। किसानों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। लीजबैक व शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम से अनुमति लेनी होती थी । अक्सर यह देखा जाता था कि एसडीएम फाइल पर हस्ताक्षर करने से बचते थे। जिससे समस्या का निस्तारण नहीं हो पाता है और किसान अपने हक के लिए इधर-उधर भटकते रहते थे

कमेटी करेगी फटाफट काम
सीईओ यमुना प्राधिकरण की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों को अंतिम रूप देगी। इससे संबंधित पॉलिसी बनाई जाएगी, जो आगामी बोर्ड बैठक में रखी जाएगी। इससे लीजबैक और शिफ्टिंग के प्रकरणों के निस्तारण में सहूलियत हो जाएगी।

ग्रेनो प्राधिकरण में लीजबैक के सबसे अधिक मामले
यमुना प्रधिकरण में वर्तमान में लीजबैक के 368 और शिफ्टिंग के 88 मामले हैं। वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण में लीजबैक के करीब 2200 मामले हैं। लीजबैक व शिफ्टिंग को लेकर भारतीय किसान यूनियन सहित विभिन्न संगठन आए दिन धरना प्रदर्शन करते रहते हैं।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

संवाददाता

Manisha Jha

संबंधित खबरें

पाठकों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *