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Noida Coaching Centres: 1000 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों पर सवाल, रिकॉर्ड में सिर्फ 57 रजिस्टर्ड

Noida Coaching Centres: 1000 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों पर सवाल, रिकॉर्ड में सिर्फ 57 रजिस्टर्ड

लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद नोएडा में संचालित कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक हजार से अधिक कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय के रिकॉर्ड में केवल 57 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं। जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर ऐसी इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई संस्थान गांवों की जमीन पर बनी चार से छह मंजिला इमारतों में चल रहे हैं। इन भवनों में न तो आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही आपात स्थिति में छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए दूसरा रास्ता उपलब्ध है। सेक्टर-12 और सेक्टर-22 में ग्राउंड पड़ताल के दौरान 60 से अधिक छोटे और बड़े कोचिंग सेंटर मिले। इनमें कई संस्थान सिर्फ एक या दो कमरों में संचालित हो रहे हैं। अधिकांश जगहों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी दिखाई दी। छात्रों और शिक्षकों के आने-जाने के लिए कई भवनों में केवल एक ही सीढ़ी या रास्ता मौजूद है। ऐसी स्थिति में अगर किसी भवन में आग लगती है तो बड़ी संख्या में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौती बन सकता है। कई इमारतों में खुले बिजली पैनल भी मिले, जिनसे हादसे का खतरा बढ़ सकता है। कुछ भवनों के निचले हिस्से में दुकानें या मार्ट संचालित हो रहे हैं, जबकि ऊपर की मंजिलों पर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में ज्यादा खतरा नोएडा के आसपास के गांवों में बनी बहुमंजिला इमारतों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। संकरी सीढ़ियां, सीमित निकास व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की कमी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार, जिले में अभी तक सिर्फ 57 कोचिंग सेंटरों का ही पंजीकरण हुआ है। वहीं, 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। विभाग की ओर से इन संस्थानों की जांच और पंजीकरण प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिकॉर्ड से बाहर चल रहे सैकड़ों कोचिंग सेंटरों की जांच कब होगी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इन कोचिंग सेंटरों की संख्या को देखते हुए प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है कि सभी संस्थानों की सुरक्षा जांच कैसे पूरी की जाए। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे से पहले ही ऐसे संस्थानों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई जरूरी है। फैक्ट फाइल नोएडा में 1000 से ज्यादा कोचिंग सेंटर संचालित होने का अनुमान डीआईओएस रिकॉर्ड में केवल 57 कोचिंग सेंटर पंजीकृत 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी सेक्टर-12 और 22 में 60 से ज्यादा कोचिंग सेंटर मिले कई भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं कई जगह सिर्फ एक एंट्री और एग्जिट पॉइंट खुले बिजली पैनल और मिश्रित व्यावसायिक गतिविधियों के बीच संचालित कोचिंग सेंटर

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संवाददाता

Priyanka Singh

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