Cyber Fraud: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर पूर्व मैनेजर से 47.90 लाख की साइबर ठगी

Cyber Fraud: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर पूर्व मैनेजर से 47.90 लाख की साइबर ठगी
नोएडा। साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक निजी कंपनी के पूर्व प्रबंधक को झांसे में लेकर 47 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने पीड़ित को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग और आईपीओ निवेश के जरिए बड़ा मुनाफा देने का लालच दिया। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे गए। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
ग्रेटर नोएडा की ATS Dolce Society में रहने वाले 56 वर्षीय Roopam Gupta ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह एक ऑटोमोबाइल कंपनी में प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और वर्तमान में खिलौनों की दुकान चलाते हैं।
पीड़ित के मुताबिक 28 अप्रैल को उनके व्हाट्सऐप पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक संदेश आया। इसमें निवेश पर भारी मुनाफे का दावा किया गया था। खुद को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर नामक ट्रेडिंग कंपनी का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप का एडमिन कथित राजेश अहीर नामक व्यक्ति था और उसमें 244 से अधिक सदस्य जुड़े हुए थे।
ग्रुप में लोग लगातार निवेश और मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे, जिससे पीड़ित को भरोसा हो गया। आरोपियों ने उन्हें अमेरिकी शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। एक महिला सदस्य निवेशकों को अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश देती थी।
पीड़ित ने 29 अप्रैल से 14 मई के बीच 14 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में अपने ICICI बैंक खाते से कुल 47 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर किए। निवेश के बाद ग्रुप में उनकी रकम तीन गुना तक दिखाई जा रही थी, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर और रकम जमा कराने का दबाव बनाया गया।
पीड़ित ने बताया कि ग्रुप को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। पहली श्रेणी ‘इंटर्न’ की थी, जिसमें तीन लाख रुपये से अधिक निवेश करने वाले लोग थे। दूसरी श्रेणी 40 लाख रुपये से अधिक निवेश करने वालों की थी, जबकि तीसरी श्रेणी विशेष निवेशकों के लिए थी, जहां दो करोड़ रुपये से अधिक निवेश की बात कही जाती थी।
जालसाजों ने पीड़ित को फर्जी आईपीओ निवेश का भी लालच दिया। एक आईपीओ में उन्होंने 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 2200 शेयर खरीदे, जिन्हें बाद में 203.13 रुपये प्रति शेयर दिखाया गया। सिस्टम में उन्हें लाखों रुपये का मुनाफा भी दिखाया गया, लेकिन वे रकम निकाल नहीं सके।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें और बिना सत्यापन किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर न करें।