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Noida Theft Gang: मोबाइल-लैपटॉप चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, सेक्टर-142 पुलिस ने दो शातिर चोर दबोचे

Noida Theft Gang: मोबाइल-लैपटॉप चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, सेक्टर-142 पुलिस ने दो शातिर चोर दबोचे

नोएडा, 15 मई : सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी का इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है। बरामद सामान में 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक टैबलेट और चोरी में इस्तेमाल की गई एक इलेक्ट्रिक स्कूटी शामिल है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को एफएनजी रोड के सर्विस रोड पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो युवकों को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ, जिसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा Shailendra Singh ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय महेन्द्र निवासी नगली वाजिदपुर और 22 वर्षीय जुनैद उर्फ बिट्टू निवासी सहरसा, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे साप्ताहिक बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों में घूमकर खुले स्थानों पर रखे मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट की रेकी करते थे। मौका मिलते ही वे खिड़कियों या खुले स्थानों से कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे।

आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए सामान को वे राह चलते लोगों को कम दामों में बेच देते थे और उससे मिलने वाले पैसों को मौज-मस्ती और शौक पूरे करने में खर्च करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बरामद इलेक्ट्रिक स्कूटी भी चोरी की थी। यह स्कूटी 16 जनवरी 2026 को एडवांट गेट नंबर-1 के पास थाना सेक्टर-142 क्षेत्र से चोरी की गई थी, जिसके संबंध में पहले से मुकदमा दर्ज था।

पुलिस जांच में दोनों आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। महेन्द्र के खिलाफ पहले भी कानून उल्लंघन और अन्य मामलों में केस दर्ज हैं। वहीं जुनैद उर्फ बिट्टू के खिलाफ आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।

पुलिस अब बरामद 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और टैबलेट की तकनीकी जांच करा रही है ताकि इनके असली मालिकों की पहचान की जा सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी और कितनी चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं।

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