
New Delhi : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में हुई घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश की महिलाओं के लिए पीड़ादायक और निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम था, लेकिन विपक्ष द्वारा इसे पारित न होने देना महिलाओं के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के नाते यह विषय उनके लिए केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि संवेदना और सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का महत्वपूर्ण अवसर उनसे छीन लिया गया है, जिससे उनकी उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है।
रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में बाधा डाली है। उनके अनुसार यह रवैया महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति उनकी सोच और नीयत को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस स्थिति को समझ रही हैं और इसका जवाब देंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।





