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उत्तर प्रदेश : रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव में मोहिनी रूप की छटा, चांदी की पालकी में निकले भगवान

Mathura News : मथुरा के धर्मनगरी वृंदावन के विश्वप्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में चल रहे दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के पांचवें दिन बुधवार को अद्भुत दृश्य देखने को मिला। भगवान रंगनाथ ने मोहिनी स्वरूप धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। ठाकुर जी के इस मनमोहक रूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया।

ब्रह्मोत्सव के पंचम दिवस भगवान रंगनाथ मोहिनी स्वरूप में रजत निर्मित पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। स्वर्णाभूषणों से अलंकृत ठाकुर जी को गर्भगृह से निकालकर चांदी की पालकी में विराजित किया गया और विधि-विधान के साथ कुंभ आरती उतारी गई। इसके बाद बैंड-बाजों और दक्षिण भारतीय पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच शोभायात्रा निकाली गई।

सवारी श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख स्थानों से होती हुई रंगजी के बड़ा बगीचा पहुंची, जहां कुछ समय विश्राम के बाद ठाकुर जी की पालकी संप्रदाय से जुड़े विभिन्न मंदिरों और देवालयों तक गई। रास्ते भर श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते रहे और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था। इस रूप से उन्होंने असुरों को मोहित कर देवताओं को अमृत पान कराया था। इसी कथा की स्मृति में ब्रह्मोत्सव के दौरान भगवान रंगनाथ मोहिनी स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। मान्यता है कि इस अलौकिक रूप के दर्शन से भक्त मोह-माया से दूर होकर भक्ति मार्ग पर अग्रसर होते हैं और प्रभु के प्रति उनकी आस्था और गहरी हो जाती है।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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