Yamuna Expressway Underpass: यमुना एक्सप्रेसवे अंडरपास की छत से प्लास्टर गिरा
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के सामने घरबरा गांव के पास यमुना एक्सप्रेसवे अंडरपास की छत से सीमेंट और प्लास्टर के टुकड़े गिर रहे हैं। कई जगह प्लास्टर उखड़ने से लोहे के सरिये दिखने लगे हैं। अधिकारियों ने पत्थर गिरने वाली जगह पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से का संज्ञान लिया। अंडरपास के सामने बैरिकेडिंग की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।
करीब 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण जेपी ग्रुप ने किया था। इसका उद्घाटन 9 अगस्त 2012 को हुआ था। करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को शुरू हुए लगभग 14 साल हो चुके हैं।
जेपी ग्रुप के दिवालिया होने के बाद एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी सुरक्षा ग्रुप को सौंपी गई थी।
समाजसेवी और करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक प्रवीण भारतीय ने अंडरपास की हालत को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रभावित हिस्से में बैरिकेडिंग का उद्देश्य किसी संभावित हादसे से बचाव करना है। मरम्मत के साथ क्षति के कारणों की तकनीकी जांच से रखरखाव की जरूरत स्पष्ट हो सकती है।





