Noida Cyber Fraud Cases: ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर 36 लाख से अधिक ऐंठे
नोएडा। साइबर अपराधियों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से 36 लाख से अधिक रुपये ऐंठ लिए। इसके अलावा चोर और लोगों को ठगा गया। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्रकाश चंद मिश्रा के अनुसार ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उन्हें 27 नवंबर से 27 दिसंबर 2025 के बीच फोन किया। इस दौरान उनसे बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से कई अनधिकृत लेनदेन किए गए। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में 36 लाख 34 हजार 330 रुपये की धोखाधड़ी का उल्लेख किया है।
ठगों ने टेलीग्राम पर एक हैंडल बनाकर योगेश गुप्ता से संपर्क किया। इसके बाद उन्हें क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी एक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में निवेश को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताकर भरोसा दिलाया गया। पीड़ित ने जब अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने फीस, टैक्स और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर अतिरिक्त रुपये मांगने शुरू कर दिए। हर बार रकम जमा कराने के बाद नई मांग रखी गई। इस तरह पीड़ित से कुल 14 लाख 33 हजार 225 रुपये ठग लिए गए।
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक अन्य मामले में ठगों ने विजय वर्मा को एक वेबसाइट के जरिए विदेशी शेयर बाजार में निवेश का लालच दिया। आरोपियों ने उन्हें अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई। इस तरह उनसे 46 लाख 41 हजार 14 रुपये की ठगी कर ली गई।
साइबर अपराधियों ने शुभम खंडेलवाल को व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से निवेश का झांसा दिया। आरोपियों ने एक वेबसाइट के नाम से निवेश संबंधी जानकारी और मुनाफे का भरोसा दिया। उनकी बातों में आकर पीड़ित ने 13 लाख रुपये लगा दिए। बाद में रकम वापस नहीं मिली तो ठगी का पता चला।
मुनेश शर्मा को बीमा पॉलिसी के नाम पर निशाना बनाया गया। आरोपियों ने पॉलिसी से संबंधित लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में 5 लाख 25 हजार एक रुपये जमा करा लिए। बाद में आरोपियों ने संपर्क करना बंद कर दिया।
पांचों मामलों में साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उपनिरीक्षक अवनीश कुमार मामलों की जांच कर रहे हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। ठगी की रकम किन खातों में स्थानांतरित हुई, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। किराए के खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर होने के इनपुट मिले हैं। पुलिस का दावा है कि मामले को लेकर संबंधित बैंक के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।
पांचों शिकायतों में रकम भेजे जाने वाले बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान और रकम की आवाजाही का पता लगाने के लिए पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।





