उत्तर प्रदेश : भाकियू कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी के बीच नोकझोक, भैंसा बग्गी पकड़ने जाने को लेकर थाने पहुंचे थे

Hapur News : गढ़मुक्तेश्वर के कार्तिक पूर्णिमा मेले में आई भैंसा बुग्गियों को पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने चार दिन पहले श्रद्धालुओं की बुग्गियों को बिना किसी ठोस कारण के जब्त कर लिया था और अब तक नहीं छोड़ा। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता के बीच जमकर नोकझोंक हो रही है। झोपड़ी में बैठे पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता के बीच किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। स्थानीय भाकियू जिलाध्यक्ष भी पहुंच गए और मामला शांत कराया।

शनिवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा ने बताया कि श्रद्धालु अपनी भैंसा बुग्गियों के साथ कार्तिक पूर्णिमा मेले में दर्शन करने जा रहे थे। जहां गढ़ क्षेत्र में पुलिस ने उन्हें रोक लिया और छोटी बुग्गियों को थाने में खड़ा कर दिया। इसे लेकर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गढ़ थाने पहुंच गए। जिनके साथ मुजफ्फरनगर के सिसौली के किसान भी थे। भाकियू कार्यकर्ताओं और थाने में मौजूद एसआई के बीच किसी बात को लेकर बात बिगड़ गई और जमकर नोकझोंक हुई।

इस पर यूनियन कार्यकर्ताओं ने पुलिस के रवैये के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर भाकियू के जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और एसपी से फोन पर बातचीत की। एसपी ने बग्गियों को जल्द छोड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद यूनियन कार्यकर्ताओं ने थाने से लौटकर मेला स्थल की ओर लौट गए।

दिनेश खेड़ा ने बताया कि श्रद्धालु अब मेले में पहुंच गए हैं और किसी प्रकार की बुग्गी दौड़ जैसी गतिविधि नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि एसपी ने दो नवंबर तक बुग्गियां छोड़ने का आश्वासन दिया है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो भाकियू आगे की रणनीति तय करेगी और आंदोलन भी संभव है।

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