उत्तर प्रदेश, नोएडा: औद्योगिक सेक्टर में जमीन आवंटन की दिक्कत दूर होगी

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा।नए औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-16 में कंपनियों को जमीन आवंटित करने और सड़क निर्माण में आ रही दिक्कतें जल्द दूर होंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अनिवार्य अधिग्रहण के तहत बाकी बची जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू की है। जमीन अधिग्रहन के बाद सेक्टर के चारों तरफ 60 और 80 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण, पेयजल पाइप लाइन और विद्युत उपकेंद्र बनाए सहित अन्य जरूरी कार्य किए जाएंगे। प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुनपुरा, खेड़ी और धूममानिकपुर गांव की लगभग 112 एकड़ में जमीन पर सेक्टर इकोटेक-16 विकसित किया जा रहा है।

इसमें सुनपुरा गांव की 20.48 हेक्टेयर, खेड़ी गांव की 6.9 हेक्टेयर व धूममानिकपुर गांव की 18.05 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इस सेक्टर के कुल 7 भूखंडों में से 25-25 एकड़ के दो भूखंड अवाडा कंपनी को आवंटित किए जा चुके हैं। सेक्टर की पूरी जमीन अब तक अधिग्रहीत नहीं की जा सकी है। बाजार दर के मुकाबले मुआवजा दर काफी कम होने की वजह से किसान जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में सड़क, बिजली और पेयजल पाइप लाइन जैसी जरूरी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम शुरू करने में दिक्कत आ रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए प्राधिकरण शेष जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण करेगा। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक सेक्टर की शेष बची जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अनिवार्य अधिग्रहण का सहारा लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अब तक 38.1053 हेक्टेयर जमीन प्रभावित किसानों से सहमति के आधार पर खरीदी जा चुकी है। सड़क के हिस्से की जमीन प्राधिकरण के कब्जे में न होने की वजह से सड़क का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी अवाडा
बीते महीने प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सेक्टर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। सड़क का निर्माण करने के निर्देश दिए थे। इस सेक्टर में सोलर कंपनी अवाडा को 50 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। सोलर कंपनी अवाडा इकोटेक- 16 में 3000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी यहां सोलर पैनल और इससे संबंधित अन्य उपकरणों का निर्माण करेगी। इससे हरित ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। —- उत्कृष्टता केंद्र और अनुसंधान पर जोर- अवाडा कंपनी द्वारा प्रस्तुत की गई परियोजना रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी उत्कृष्टता केंद्र और अनुसंधान पर जोर देगी। एकीकृत सौर विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इसमें सौर इन गॉट वेफर, सोलर सेल एवं सोलर मॉड्यूल का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-16 में संबंधित विभागों द्वारा मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का काम शुरू कर दिया गया है। सेक्टर के लिए आरक्षित पूरी जमीन का अधिग्रहण न होने की वजह से दिक्कत आ रही है। इसके लिए बाकी बची जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरीश कुमार झा, ओएसडी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

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