Saturday, 24 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Himachal Wildlife Board: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने की राज्य वन्यजीव बोर्ड की 12वीं बैठक की अध्यक्षता, बंदरों की संख्या का पंचायतवार डेटा मांगाAyodhya : योगी सरकार के मार्गदर्शन में अयोध्या में जगमगाएंगे 30 लाख से अधिक दीप, नया कीर्तिमान रचने की तैयारीAyodhya : दीपोत्सव-2026 से पहले निखरेगी रामनगरी की भव्यता, प्रमुख मार्गों के सौंदर्यीकरण में जुटा लोक निर्माण विभागLucknow : 26 अक्टूबर को धूमधाम से महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाएगी योगी सरकारMathura : वृंदावन में गंगा नृत्य नाटिका के साथ ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों का शुभारंभNew Delhi : दिल्ली क्वीन ब्यूटी पेजेंट 2026 का आयोजन, मुस्कान सेन बनीं विजेताChandigarh : दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने ऊपर से दबाव का हवाला देकर मुझे 2 घंटे तक रोककर रखा- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानChandigarh : वोट-चोरी’ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा; एसआईआर को तुरंत रद्द किया जाए- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

उत्तर प्रदेश : योगी सरकार में बढ़ा 40 फीसदी दुग्ध उत्पादन, देश में यूपी नंबर वन

Lucknow News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में पहले की तुलना में 40 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन बढ़ गया है। यही नहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी सबसे सशक्त बनकर उभरा है।

देश के कुल दुग्ध उत्पादन में पांच अग्रणी राज्यों की 54 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 16 फीसदी तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा प्रदेश की बढ़ती ताकत और मजबूत डेयरी संरचना का स्पष्ट उदाहरण है।

सीएम योगी के कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है।

सीएम योगी के जमीनी स्तर पर किए प्रयासों का परिणाम : मुकेश मेश्राम
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि करीब 40 प्रतिशत की यह वृद्धि प्रदेश में योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जमीनी स्तर पर किए गए ठोस प्रयासों का परिणाम है।

बड़ी ताकत बनीं ग्रामीण महिलाएं
इस दुग्ध क्रांति की बड़ी ताकत ग्रामीण महिलाएं बनीं हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं डेयरी गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रदेश के 31 जिलों में महिला समूह प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहे हैं और करीब 5000 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुके हैं।

प्रदेश में पांच प्रमुख दुग्ध उत्पादक कंपनियों के जरिए करीब चार लाख महिला किसान जुड़ीं हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। फरवरी 2026 तक इन कंपनियों का कुल कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘बलिनी एमपीसीएल’, पूर्वांचल में ‘काशी एमपीसीएल’, अवध क्षेत्र में सामर्थ्य एमपीसीएल, गोरखपुर मंडल में ‘श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीसीएल, तराई क्षेत्र में सृजन एमपीसीएल’ से जुड़कर महिलाएं रिकॉर्ड बना रही हैं।

उत्तर प्रदेश की बदल रही तस्वीर
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में पहली बार महिलाओं को इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया गया है। दुग्ध उत्पादन में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी प्रतीक बन गई है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें