उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद: जाली हस्ताक्षर और मोहर से जारी किया आवंटन पत्र, बिल्डर कंपनी की साख खराब करने का आरोप

अमर सैनी

उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद। वेव सिटी में बिल्डर कंपनी का प्लॉट फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से आवंटन पत्र तैयार कर प्लॉट बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने 21 लाख रुपये की राशि भी बिल्डर कंपनी के खाते में जमा कराई। आरोप है कि कंपनी की साख खराब करने के लिए अभिषेक चौधरी ने फर्जी आवंटन पत्र जारी किया है। फर्जीवाड़े का पता चलने पर बिल्डर कंपनी ने रकम वापस लौटा दी और फर्जीवाड़े के आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मैसर्स उप्पल चड्ढा हाईटेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अतुल गहलौत ने बताया कि अभिषेक चौधरी के द्वारा महरौली निवासी सुरेश पाल को फर्जी आवंटन पत्र जारी किया गया था। सुरेश पाल से ट्रांसफर कराई गई राशि उन्हें वापस कर दी गई है। अतुल गहलोत ने प्लाट बेचने के आरोपी अभिषेक चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। अतुल गहलौत ने बताया कि 7 अक्टूबर, 2024 महरौली निवासी सुरेश पाल आवंटन पत्र के साथ अपने प्लॉट की जानकारी लेने कंपनी के आफिस पहुंचे थे, उन्होंने प्लॉट नंबर भी बताया लेकिन रिकॉर्ड में कहीं भी उस प्लॉट की बुकिंग नहीं मिली। उसके बाद हुई जांच में पूरा मामला खुला।

एसीपी लिपि नगायच ने क्या कहा
एसीपी वेव सिटी लिपी नगायच के मुताबिक कि सुरेश पाल को उपलब्ध कराए गए आवंटन पत्र पर 24 सितंबर, 2024 की तारीख पड़ी है। आवंटन पत्र पर कंपनी के कर्मचारी रूपेश अग्रवाल के हस्ताक्षर थे, लेकिन रूपेश अग्रवाल का कहना है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं, इसके अलावा मोहर भी फर्जी है।मामले में पीड़ित ने बताया कि अभिषेक चौधरी ने प्लॉट का आवंटन पत्र दिया और कंपनी का खाता नंबर उपलब्ध कराकर रकम जमा कराने को कहा। सुरेश पाल ने कंपनी के खाते में 21 लाख, 50 हजार रुपये जमा कराए थे। अतुल गहलौत की तहरीर पर पुलिस ने अभिषेक चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

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