UP RERA: यूपी रेरा ने 470 शिकायतकर्ताओं से बैंक खाते का शपथपत्र मांगा, वसूली गई रकम का भुगतान अटका
नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 470 शिकायतकर्ताओं से अपने बैंक खाते का शपथपत्र उपलब्ध कराने को कहा है। इन मामलों में बिल्डरों से रकम की वसूली की जा चुकी है, लेकिन शिकायतकर्ताओं के बैंक खाते की आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण धनराशि उनके खातों में भेजने की प्रक्रिया लंबित है।
यूपी रेरा के अनुसार, 470 शिकायतों में संबंधित शिकायतकर्ताओं ने अभी तक बैंक खाते का विवरण शपथपत्र के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराया है। इसके चलते बिल्डरों से वसूली गई रकम को संबंधित शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में स्थानांतरित नहीं किया जा पा रहा है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि एनसीआर के जिलों से संबंधित शिकायतकर्ताओं को अपना शपथपत्र गौतमबुद्ध नगर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उपलब्ध कराना होगा। वहीं एनसीआर से बाहर के अन्य जिलों से जुड़े शिकायतकर्ताओं को अपना शपथपत्र यूपी रेरा के लखनऊ स्थित कार्यालय में जमा करना होगा।
यूपी रेरा ने शिकायतकर्ताओं को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि शपथपत्र में दिया गया बैंक खाता सही और सक्रिय हो। बैंक खाते की जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर भुगतान की प्रक्रिया में दोबारा परेशानी हो सकती है। इसलिए शिकायतकर्ताओं को अपने बैंक खाते से संबंधित सही और पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में बैंक खाते से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण वसूली गई धनराशि का भुगतान शिकायतकर्ताओं को नहीं किया जा पा रहा है। ऐसे मामलों में बिल्डर से रकम वसूलने की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को वास्तविक भुगतान नहीं मिल सका है।
प्राधिकरण ने संबंधित शिकायतकर्ताओं से कहा है कि वे अपने बैंक खाते का सही विवरण 10 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरीकृत शपथपत्र के माध्यम से उपलब्ध कराएं। शपथपत्र में बैंक खाते से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी स्पष्ट और सही तरीके से दर्ज करनी होगी।
यूपी रेरा की ओर से यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि बिल्डरों से वसूली गई रकम को संबंधित शिकायतकर्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। बैंक विवरण मिलने के बाद भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी।
प्राधिकरण ने शिकायतकर्ताओं से समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि लंबे समय से लंबित भुगतान को पूरा किया जा सके। सही और सक्रिय बैंक खाते की जानकारी मिलने के बाद वसूली गई धनराशि को संबंधित लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
