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Cyber Crime: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 54 लाख की ठगी, व्हाट्सऐप और फर्जी ऐप से बनाया शिकार

Cyber Crime: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 54 लाख की ठगी, व्हाट्सऐप और फर्जी ऐप से बनाया शिकार

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर दो लोगों से करीब 54 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर पहले भरोसा जीता, फिर फर्जी निवेश ऐप के जरिए नकली मुनाफा दिखाकर लाखों रुपये निवेश करा लिए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और खाता फ्रीज होने का डर दिखाकर और पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर ठगों ने संपर्क समाप्त कर दिया।

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और वित्तीय लेनदेन की जांच कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

सेक्टर-58 निवासी राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और शेयर बाजार में निवेश करते हैं। जुलाई 2025 में व्हाट्सऐप पर अंकिता और स्नेहा अग्रवाल नाम से संपर्क करने वाली महिलाओं ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश का आकर्षक प्रस्ताव दिया। उन्होंने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए टीसीएस कैपिटल ग्रुप के नाम पर निवेश कराने का दावा किया और एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया।

शुरुआत में राजेश से छोटी-छोटी रकम निवेश कराई गई। ऐप पर लगातार अच्छा मुनाफा दिखाया गया और भरोसा जीतने के लिए कुछ रकम उनके बैंक खाते में वापस भी भेजी गई। इसके बाद ठगों ने धीरे-धीरे उनसे बड़ी राशि निवेश कराई। पीड़ित ने 8 अगस्त 2025 तक अलग-अलग बैंक खातों में करीब 33 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

जब उन्हें पैसों की आवश्यकता पड़ी और उन्होंने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे जमा कराने की मांग की। साथ ही कहा कि रकम जमा नहीं करने पर उनका खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। राजेश द्वारा और पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया।

इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी गृहिणी दीप्ति भी साइबर अपराधियों के जाल में फंस गईं। उन्हें जून 2025 में व्हाट्सऐप पर निवेश का प्रस्ताव मिला। इसके बाद उन्हें एक स्टॉक शेयर ग्रुप में जोड़ा गया और फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड कराया गया। ठगों के झांसे में आकर उन्होंने 27 जून 2025 तक लगभग 21 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ऐप पर लगातार मुनाफा दिखाई देता रहा, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने का प्रयास किया तो निकासी संभव नहीं हुई। कुछ ही समय बाद ठगों ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है।

दोनों पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराने के साथ साइबर क्राइम थाने में भी तहरीर दी। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि शुरुआती जांच में यह निवेश के नाम पर साइबर ठगी का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर गिरोह की पहचान करने में जुटी है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी अनजान ऐप या वेबसाइट पर निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और लालच में आकर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बचें।

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