
सर्वोत्तम कार्य करने वाली “विद्यालय प्रबंधन समितियों” को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
रिपोर्ट :कोमल रमोला
चंडीगढ़ , 19 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज घोषणा की कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खंड स्तर पर सर्वोत्तम कार्य करने वाली “विद्यालय प्रबंधन समितियों” को ईनाम के तौर पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस राशि का उपयोग स्कूल के विकास में किया जाएगा। इसमें सर्वोत्तम विद्यालय प्रबंधन समिति का चयन “सच” पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
इसके अलावा , सभी “विद्यालय प्रबंधन समितियों” को पेयजल का टैंक ठीक करवाने , टॉयलेट एवं दीवार की मरम्मत जैसे छोटे -मोटे एवं आवश्यक कार्यों के लिए एक लाख रुपए तक खर्च करने की शक्तियां दी जाएंगी। अतिरिक्त उपायुक्त की स्वीकृति के बाद 25 लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति होगी।
मुख्यमंत्री रविवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास से राज्य के सरकारी स्कूलों की “विद्यालय प्रबंधन समितियों” के साथ सीधा राज्यस्तरीय संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर सरकारी स्कूलों के मूल्यांकन के लिए “सच ” नामक पोर्टल को भी लांच किया।
श्री नायब सिंह सैनी ने प्रत्येक जिला के एक स्कूल की विद्यालय प्रबंधन समिति से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने सभी समितियों के अध्यक्ष , सचिव एवं सदस्यों से स्वच्छता , पेयजल की व्यवस्था , टॉयलेट , स्टेडियम , स्कूल में बच्चों की संख्या , बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, सुपर -100 एवं बुनियाद कार्यक्रम में बच्चों का प्रवेश के अलावा आईआईटी , आईआईएम , राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन से लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों एवं पीटीएम को लेकर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा एवं उनके स्कूलों की बेहतरी के लिए सुझावों तथा आवश्यकताओं पर भी बातचीत की। विद्यालय प्रबंधन समिति के सभी पदाधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा स्कूली शिक्षा को लेकर उठाए गए कदमों की प्रशंसा की और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को साधुवाद भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरुप हरियाणा सरकार स्कूली शिक्षा को गुणवत्तापरक एवं संस्कारवान बनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी शिक्षा में निहित होती है , इसलिए समिति के सदस्य अपने दायित्वों को समझते हुए स्कूल के वातावरण को अनुकूल बनाने के लिए मिल-जुल कर कार्य करें।
उन्होंने स्कूलों के मुखियाओं से भी आह्वान किया कि सभी अध्यापक , विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं बच्चे स्कूल परिसर में पौधरोपण करें। बच्चों को ” एक पेड़ मां के नाम” लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों से भी सरकारी स्कूलों का समय -समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने भी विद्यालय प्रबंधन समिति को शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत कड़ी बताया और समिति के सदस्यों को सरकारी स्कूलों में रजिस्ट्रेशन बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने स्कूल की समस्याओं पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ स्कूल मुखिया के साथ मिलकर वहां की समस्याओं के निराकरण में मदद करने की बात भी कही। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर आने पर विद्यार्थियों , शिक्षकों , स्कूल मुखियाओं समेत अधिकारियों की पीठ थपथपाई।
श्री ढांडा ने कहा कि स्कूलों में शैक्षिक परिवर्तन जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ , सबका विकास , सबका विश्वास के मूलमंत्र पर चलते हुए हरियाणा सरकार हरेक बच्चे को आधुनिक एवं समावेशी शिक्षा देने के लिए संकल्पबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया , मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीबी भारती तथा श्री राकेश संधू , मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ यशपाल , माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री जितेंद्र कुमार , स्कूल प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री स्वप्निल पाटिल, जॉइंट स्कूल प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री मयंक वर्मा के अलावा शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





