Semiconductor Technology: सेमीकंडक्टर तकनीक से बदलेगा कंप्यूटिंग का भविष्य, जेआईआईटी में वीडीएटी शुरू
नोएडा। सेमीकंडक्टर, इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग और भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों पर मंथन के लिए जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेआईआईटी) में बृहस्पतिवार को 30वें इंटरनेशनल सिम्पोजियम ऑन वीएलएसआई डिजाइन एंड टेस्ट (वीडीएटी) का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सेमीकंडक्टर तकनीक, सुरक्षित कंप्यूटिंग सिस्टम और क्वांटम-रेडी तकनीकों के जरिए अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग को विकसित करने पर चर्चा की जा रही है।
सम्मेलन की इस वर्ष की थीम ‘एडवांसिंग इंटेलिजेंट, सिक्योर एंड क्वांटम-रेडी सेमीकंडक्टर सिस्टम्स फॉर द नेक्स्ट एरा ऑफ कंप्यूटिंग’ रखी गई है। कार्यक्रम में देश और विदेश से शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान सेमीकंडक्टर डिजाइन, वीएलएसआई, इंटेलिजेंट सिस्टम, सुरक्षित कंप्यूटिंग और क्वांटम तकनीक से जुड़े शोध और नवाचार पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
वीडीएटी का आयोजन जेआईआईटी की ओर से दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, आईआईआईटी दिल्ली, आईजीडीटीयूडब्ल्यू, एनआईटी दिल्ली और एनएसयूटी के सहयोग से किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन पहली बार उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है। इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा का क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर निवेश, डाटा सेंटर और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। ऐसे में वीडीएटी जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से शोध और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ नई तकनीकों पर काम करने वाले युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की वैज्ञानिक-जी और आरएंडडी डिवीजन की ग्रुप कोऑर्डिनेटर सुनीता वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी, मोहाली के महानिदेशक डॉ. कमलजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य सेमीकंडक्टर और इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही उद्योग, अकादमिक संस्थानों और शोधकर्ताओं के बीच सहयोग को मजबूत करना भी सम्मेलन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर तकनीक आने वाले समय में कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में निर्णायक भूमिका निभाएगी।




