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SC Welfare: सरकारी रियायती ऋण से बदली दलित परिवारों की तस्वीर, 81% लाभार्थियों की आय और जीवन स्तर में सुधार

SC Welfare: सरकारी रियायती ऋण से बदली दलित परिवारों की तस्वीर, 81% लाभार्थियों की आय और जीवन स्तर में सुधार

नई दिल्ली, 20 जुलाई : केंद्र सरकार की रियायती ऋण योजनाएं अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के हजारों परिवारों के लिए आर्थिक बदलाव का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभाव मूल्यांकन में सामने आया है कि 81 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने इन योजनाओं से अपनी आय, सामाजिक स्थिति और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय सुधार महसूस किया है।

11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 5,480 लाभार्थियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 93 प्रतिशत से अधिक लोगों ने ऋण का सही उपयोग किया और उससे बनाई गई संपत्तियां आज भी उपयोग में हैं। अध्ययन के अनुसार स्वरोजगार करने वालों की संख्या 46.62 प्रतिशत से बढ़कर 73.95 प्रतिशत तक पहुंच गई।

महिलाओं को भी इन योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। अध्ययन में शामिल 705 गृहिणियों में से 674 महिलाओं यानी 95.6 प्रतिशत ने ऋण सहायता के बाद अपना स्वयं का रोजगार शुरू किया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाए।

मंत्रालय का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय को गरीबी से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार आने वाले समय में भी इन योजनाओं के विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देगी।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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