Organ Donation: अंगदान से मौत के बाद भी जिंदगी, आरएमएल अस्पताल में ‘फियर टू होप’ का संदेश
नई दिल्ली, 16 अगस्त। एक व्यक्ति का अंगदान कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। इसी संदेश के साथ अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में विश्व अंगदान दिवस मनाया गया। ‘फ्रॉम फियर टू होप’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और मृत्यु के बाद भी किसी दूसरे व्यक्ति का जीवन बचाने में योगदान देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में वॉकाथन, पैनल चर्चा, नुक्कड़ नाटक और अंगदान संकल्प जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से अंगदान को लेकर लोगों के बीच मौजूद झिझक और डर को दूर करने का प्रयास किया गया। अस्पताल की निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद ने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी अंगदान के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में एनओटीटीओ के प्रभारी अतिरिक्त सचिव विजय नेहरा समेत कई विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने अंग प्रत्यारोपण से जुड़े चिकित्सा, कानूनी और नैतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान ब्रेन-स्टेम डेथ की पहचान और उसकी घोषणा, संभावित अंगदाता की आईसीयू में देखभाल तथा अंग प्रत्यारोपण के दौरान एनेस्थीसिया की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशाला आयोजित की गई।
इस दौरान अस्पताल के श्वसन चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. देश दीपक द्वारा अंगदान पर लिखी गई कविता का पोस्टर भी जारी किया गया। इस पोस्टर को अस्पताल के आईसीयू क्षेत्रों में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजनों और अस्पताल आने वाले लोगों तक अंगदान का संदेश पहुंचाया जा सके।
कार्यक्रम में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अंगदाताओं के योगदान को भी सम्मान दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि अंगदान को लेकर सही जानकारी और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि अधिक लोग मृत्यु के बाद अंगदान के महत्व को समझ सकें और जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई संभावना मिल सके।


