Noida Plot Auction Rules: भूखंड नीलामी के नियम बदले, 30% EMD और 70% बैंक गारंटी से बोली का मौका
नोएडा प्राधिकरण ने भूखंड आवंटन और ई-नीलामी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब प्लॉट की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए आवेदकों को पूरी राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे 30 प्रतिशत अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) और 70 प्रतिशत बैंक गारंटी (BG) के आधार पर भी बोली लगा सकेंगे। इस फैसले से अधिक लोगों को नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
प्राधिकरण के इस नए नियम के तहत अब पात्रता को लेकर पहले जैसी सख्ती नहीं रहेगी। आवेदकों को केवल 30 प्रतिशत ईएमडी जमा करनी होगी, जबकि शेष 70 प्रतिशत राशि के लिए बैंक गारंटी देनी होगी। इससे छोटे और मध्यम निवेशकों को भी बड़ी योजनाओं में भाग लेने का मौका मिलेगा।
एक और अहम बदलाव यह किया गया है कि अब ई-नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवेदकों के कागजी दस्तावेजों की विस्तृत जांच प्रारंभिक स्तर पर नहीं की जाएगी। इससे प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का प्रयास किया गया है।
इसके अलावा, यदि कोई आवेदक ई-नीलामी में सबसे अधिक बोलीदाता यानी H1 बनता है, तो अन्य सभी बोलीदाता स्वतः ही अन्य भूखंड योजनाओं की नीलामी में भाग लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। इससे प्रतिभागियों को यह लाभ मिलेगा कि वे एक योजना में असफल होने के बावजूद दूसरी योजनाओं में आसानी से हिस्सा ले सकेंगे।
वर्तमान में प्राधिकरण द्वारा होटल, वाणिज्यिक और कॉरपोरेट भूखंडों की योजनाएं चलाई जा रही हैं। ईएमडी जमा करने की समयसीमा हाल ही में समाप्त हुई थी, लेकिन इसे एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भाग ले सकें। यह बदलाव यूनिफाइड पॉलिसी लागू होने के बाद किया गया है, हालांकि अभी भी कई आवेदकों को इस नई व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं है।
होटल भूखंड योजना में भी विशेष बदलाव किया गया है। इसमें H1 बोलीदाता को 40 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करनी होगी। इस दौरान वह बड़े होटल चेन के साथ ज्वाइंट वेंचर कर फंडिंग की व्यवस्था कर सकता है। इसके बाद ही उसे आवंटन पत्र जारी किया जाएगा। हालांकि यह सुविधा केवल होटल भूखंड योजना तक ही सीमित रखी गई है और अन्य वाणिज्यिक योजनाओं पर लागू नहीं होगी।
इस नई नीति से नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, निवेशकों को अधिक लचीलापन मिलने से रियल एस्टेट सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
