Haryana Government Schemes: कश्यप समाज की गौरवशाली परंपरा सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की मिसाल : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
रिपोर्ट :कोमल रमोला
चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (कोमल रमोला)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कश्यप समाज का इतिहास सेवा, त्याग, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। समाज ने हर दौर में देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रामायण काल से लेकर गुरु साहिबान के समय तक समाज के महापुरुषों ने अपने कार्यों और बलिदान से ऐसी मिसालें कायम की हैं, जो आज भी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संगठन के माध्यम से समाज को मजबूत बनाना तथा उसकी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री शनिवार को पंजाब के धर्मकोट में आयोजित कश्यप मेहरा समाज के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं, समाज के प्रबुद्धजनों, माताओं-बहनों और बुजुर्गों का अभिवादन किया तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की ऐतिहासिक विरासत और महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि बच्चे अपने इतिहास से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लौह पुरुष ने देश की 500 से अधिक रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका जीवन राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह हजारों युवाओं के साथ ‘रन फॉर यूनिटी’ में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के योगदान को याद करना और उनके दिखाए एकता के मार्ग पर चलना हम सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महर्षि कश्यप और निषादराज की परंपरा को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप महान परोपकारी और प्रजापालक थे। वेदों, उपनिषदों और पुराणों में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है। उनका जीवन परोपकार और लोककल्याण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रामायण काल में राजा निषादराज ने भगवान श्रीराम को आश्रय दिया और उन्हें गंगा पार करवाने में सहयोग किया। इसी प्रकार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पंच प्यारों में शामिल भाई हिम्मत सिंह जी का नाम भी कश्यप समाज के लिए गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री ने बाबा मोती राम मेहरा जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में साहिबजादों की सेवा की और इसके लिए अपने परिवार सहित भारी यातनाएं झेलीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की, ताकि साहिबजादों के बलिदान और उनसे जुड़ी सेवा तथा त्याग की परंपरा को देशभर में याद किया जा सके।
पंजाब और हरियाणा के आपसी संबंधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों प्रदेशों का रिश्ता एक दिल में दो धड़कनों जैसा है। दोनों राज्यों की संस्कृति, परंपराएं और विरासत एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यहां के लोगों के बीच आपसी भाईचारा और अपनापन सदियों पुराना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार संतों और गुरुओं के सम्मान में उनके प्रकाश पर्व और शहीदी दिवस राज्य स्तर पर मनाती है। श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व सहित विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कुरुक्षेत्र पहुंचकर श्री गुरु तेग बहादुर जी को नमन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों प्रदेशों की साझा विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
हरियाणा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से काम किया है। अब तक 70 संकल्प पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 143 संकल्पों पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंचाना है। किसान, महिला, युवा और गरीब परिवार सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए प्रदेश में किसानों की सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने शपथ लेने के बाद ही इस संबंध में फैसला लेकर अधिसूचना जारी की थी। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान की मेहनत का पूरा मूल्य मिले और उसे अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची के उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में एचसीएस परीक्षा में 102 युवाओं का चयन हुआ है। इनमें सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे परिवारों के युवा, जिनके माता-पिता मेहनत-मजदूरी या छोटा-मोटा काम करके परिवार चलाते हैं, अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर बड़े पदों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के कारण गरीब परिवारों के बच्चों को भी अधिकारी बनने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे मिशन बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है, जिनके परिवार महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। मुख्यमंत्री के अनुसार, सुपर-100 कार्यक्रम के 400 विद्यार्थियों में से 276 विद्यार्थियों को आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश मिला है। वहीं, नीट परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों में से 65 बच्चों ने एमबीबीएस में दाखिला प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से गरीब परिवारों के बच्चों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने साकार हो रहे हैं।
पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां के युवाओं को नशे से बाहर निकालना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसरों से जोड़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की जनता अलग-अलग राजनीतिक दलों को अवसर दे चुकी है, लेकिन अब प्रदेश के भविष्य और युवाओं की चिंता करते हुए ठोस निर्णय लेने का समय है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में विकास, सुशासन और युवाओं के बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कश्यप समाज से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने, समाज को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, एकता और सेवा की भावना को मजबूत करना जरूरी है। कार्यक्रम में सरदार दीपकमल मेहरा, महंत चरण सिंह, सरदार निर्मल सिंह, सरदार सोहन दास, जिलाध्यक्ष हरजोत कमल, सरदार निर्मल सिंह पूर्व चेयरमैन एसएस और अनूप भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।





