Noida Crime: नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का शिकार बने रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी, 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

Noida Crime: नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का शिकार बने रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी, 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

रिपोर्ट: अमर सैनी

साइबर ठगों ने नोएडा में एक चौंकाने वाली वारदात को अंजाम देते हुए भारतीय वायु सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली। घटना में ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताकर पीड़ित को झांसे में लिया और उन्हें 27 दिनों तक लगातार वीडियो कॉल पर नजरबंद रखा। पीड़ित, 59 वर्षीय मिश्री लाल, जेवर के निवासी हैं और भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 17 मई 2025 को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल प्राप्त हुई, जिसमें कॉलर ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से जारी एक मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा गया है। बात को गंभीर रूप देने के लिए कॉल तुरंत तथाकथित पुलिस अधिकारियों को ट्रांसफर कर दी गई, जिन्होंने वीडियो कॉल पर पूछताछ शुरू की।

आरोपियों ने मिश्री लाल को वीडियो कॉल पर ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ में डाल दिया और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी। कहा गया कि जांच पूरी होने तक वह एक कमरे में रहकर वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी में रहें। डर के माहौल में, मिश्री लाल ने स्वयं को एक कमरे में कैद कर लिया और अगले 27 दिनों तक वीडियो कॉल पर ही रहे। इस दौरान उन्हें वित्त मंत्रालय की फर्जी नोटिसें भेजी गईं और उनके बैंक खाते की जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया।

लगातार मानसिक दबाव और धमकियों के चलते, मिश्री लाल ने कुल 1 करोड़ 2 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि यह केवल औपचारिकता है और रकम उन्हें वापस मिल जाएगी।

जब मिश्री लाल को संदेह हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं, तब उन्होंने नोएडा साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्परता से जांच शुरू की और ठगी की गई राशि को फ्रीज करने के लिए संबंधित बैंकों को सूचना दी। अब तक की जांच में यह पता चला है कि ठगों ने पहले भी इसी तरह की घटनाएं अंजाम दी हैं। हाल ही में दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने एक अन्य महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखकर 14 लाख रुपये की ठगी की थी।

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि कोई भी वैध जांच एजेंसी इस प्रकार की पूछताछ नहीं करती, न ही किसी को वीडियो कॉल पर नजरबंद किया जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर धन शोधन या हवाला के मामले में फंसाने की धमकी दे, तो डरें नहीं और तुरंत स्थानीय थाने या साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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