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Noida Crime: एंबुलेंस से गांजे की तस्करी करने वाला गिरफ्तार, 64 किलो गांजा बरामद; कुख्यात तस्कर नूरी की भतीजी भी 10 लाख की स्मैक के साथ दबोची गई

Noida Crime: एंबुलेंस से गांजे की तस्करी करने वाला गिरफ्तार, 64 किलो गांजा बरामद; कुख्यात तस्कर नूरी की भतीजी भी 10 लाख की स्मैक के साथ दबोची गई

नोएडा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। थाना फेस-1 पुलिस ने एक ऐसे तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो एंबुलेंस का इस्तेमाल कर अंतरराज्यीय स्तर पर गांजे की तस्करी करता था। उसके कब्जे से 64 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 13 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, दूसरी कार्रवाई में कुख्यात तस्कर नूरी की 19 वर्षीय भतीजी को 10 लाख रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।

एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि मंगलवार को गोपनीय सूचना मिलने पर थाना फेस-1 पुलिस ने झुंडपुरा बॉर्डर के पास घेराबंदी की। इस दौरान बिना नंबर प्लेट की एक संदिग्ध मारुति इको एंबुलेंस को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच में वाहन के भीतर से 64 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से चालक ओमवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी आगरा जिले के अछनेरा थाना क्षेत्र के ग्राम नागर का रहने वाला है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह उड़ीसा से विशेष किस्म का गांजा खरीदकर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाता था। एंबुलेंस होने के कारण टोल प्लाजा और पुलिस चेकिंग के दौरान वाहन पर कम संदेह होता था, जिसका फायदा उठाकर वह बड़ी मात्रा में गांजे की खेप आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचा देता था। दिल्ली पहुंचने के बाद गांजे को छोटे-छोटे पैकेटों में तैयार कर नोएडा, दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाता था। इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई से आरोपी अपनी आलीशान जीवनशैली और शौक पूरे करता था।

पुलिस अब आरोपी के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि उड़ीसा से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक फैला एक संगठित गिरोह इस तस्करी में शामिल हो सकता है। पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले कितनी बार गांजे की खेप दिल्ली-एनसीआर ला चुका है और किन लोगों को इसकी सप्लाई करता था।

जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी केवल नियमित नशा करने वालों तक सीमित नहीं था, बल्कि कुछ कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों तक भी गांजे की सप्लाई की जा रही थी। स्थानीय सप्लायरों के जरिए छोटे-छोटे पैकेट तैयार कर युवाओं तक नशा पहुंचाया जाता था। पुलिस अब उन सभी स्थानीय तस्करों और सप्लायरों की पहचान कर रही है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। अधिकारियों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे की सप्लाई रोकने के लिए विशेष अभियान और तेज किया जाएगा।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह में पांच से अधिक लोग शामिल हैं। उड़ीसा के सप्लायरों से लेकर नोएडा और दिल्ली के स्थानीय तस्करों तक कई लोगों की भूमिका सामने आ रही है। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और सप्लाई चेन का खुलासा किया जा सके। बरामद एंबुलेंस के स्वामित्व और उसके दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

इसी अभियान के तहत थाना फेस-1 पुलिस ने कुख्यात तस्कर नूरी की 19 वर्षीय भतीजी अफसाना उर्फ बेबी को भी गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 280 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने स्मैक बिक्री से मिले 4,200 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

एसीपी मयंक तिवारी के अनुसार, गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-8 क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अफसाना को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी बुआ नूरी के कहने पर स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर झुग्गी-झोपड़ियों और फैक्टरी क्षेत्रों में बेचती थी। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया गया है।

पुलिस के मुताबिक नूरी इस पूरे गिरोह की सरगना है और फिलहाल फरार चल रही है। उसे पहले ही वांछित घोषित किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि उसका नेटवर्क लंबे समय से नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। पिछले 15 दिनों में नूरी गिरोह से जुड़े आठ तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नूरी से जुड़ी कई जेसीबी मशीनों को भी सीज किया गया है। पुलिस की टीमें फरार नूरी और उसके अन्य साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।

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