Noida Crime: हथियार के बल पर लूट करने वाला गिरोह बेनकाब, तीन बदमाश गिरफ्तार मुख्य आरोपी फरार

Noida Crime: हथियार के बल पर लूट करने वाला गिरोह बेनकाब, तीन बदमाश गिरफ्तार मुख्य आरोपी फरार

नोएडा। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने रेकी कर हथियार के बल पर लूट करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मुख्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार बदमाशों ने हाल ही में एक जनसुविधा केंद्र संचालक से हथियार के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि कुछ दिन पहले सेक्टर-113 थाना क्षेत्र स्थित एक जनसुविधा केंद्र पर रात करीब 10 बजे बदमाश पहुंचे थे। उस समय केंद्र संचालक अपने सात वर्षीय बेटे के साथ मौजूद था। बदमाश हथियार लेकर अंदर घुसे और संचालक को डराकर करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी और एक लैपटॉप लूटकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत दो विशेष टीमों का गठन कर जांच शुरू कर दी।

घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें सामने आया कि तीन बदमाश बाइक से आए थे। एक बदमाश बाहर बाइक स्टार्ट कर खड़ा रहा, जबकि दो बदमाश अंदर जाकर हथियार के बल पर लूटपाट कर फरार हो गए। फुटेज के आधार पर पुलिस को बदमाशों का हुलिया मिल गया। बुधवार को जब यही बदमाश किसी और वारदात की फिराक में दोबारा थाना क्षेत्र में दाखिल हुए, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाहिद अली उर्फ पपला निवासी इकोटेक थर्ड, तरुण निवासी मुंडाली मेरठ और पुष्पेंद्र उर्फ भोला निवासी स्याना बुलंदशहर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूट का लैपटॉप, 95 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार लूटी गई रकम का एक हिस्सा आरोपियों ने आपस में बांट लिया था।

एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि बदमाशों ने वारदात से पहले तीन दिन तक जनसुविधा केंद्र की रेकी की थी। उन्होंने यह पता लगाया कि किस समय भीड़ कम रहती है और रोजाना कितना कैश आता है। चौथे दिन मौका पाकर उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनसान इलाकों में नगदी लेकर घूमने वाले लोगों को भी निशाना बनाते थे। पकड़े न जाने के लिए वे मोबाइल फोन अपने पास नहीं रखते थे।

एसीपी ट्विंकल जैन ने बताया कि जाहिद की उम्र 19 साल है, तरुण 20 साल का है और पुष्पेंद्र 18 साल का है। गिरोह का मुख्य आरोपी देवेश उर्फ कुक्की है, जिसके खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह कई बार जेल जा चुका है। उसी ने इस वारदात की साजिश रची और तीनों को लूट के लिए तैयार किया। पुलिस का दावा है कि घटना के समय देवेश भी मौके पर मौजूद था।

पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि अपने शौक पूरे करने के लिए उन्होंने कई लोगों से कर्ज लिया था। समय पर पैसे न चुका पाने के कारण ब्याज बढ़ता गया, जिसके चलते उन्होंने लूट और चोरी का रास्ता अपनाया। पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है, वहीं फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग टीम गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है।

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