Noida Authority Protest: करप्शन फ्री इंडिया संगठन का प्राधिकरण दफ्तर पर प्रदर्शन, निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार रोकने और गांवों के विकास की उठाई मांग
नोएडा। निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों का शहरों की तर्ज पर विकास कराने और किसानों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने प्राधिकरण के सीईओ के नाम वरिष्ठ प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा।
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और मास्टर दिनेश नागर ने कहा कि नोएडा शहर के विकास के साथ प्राधिकरण के अधीन आने वाले गांवों को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि गांवों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, जिन्हें समयबद्ध तरीके से दूर किया जाना जरूरी है।
संगठन ने गांवों में सड़क, नाली, सीवर, पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि गांवों में भी वही स्तर की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, जैसी प्राधिकरण विकसित सेक्टरों और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध कराता है।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने आरोप लगाया कि कई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। संगठन ने मांग की कि निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जाए और कथित भ्रष्टाचार की शिकायतों पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन का कहना है कि विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से लेकर कार्य की निगरानी तक पूरी प्रक्रिया को जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की लंबित मांगों और विवादों को लगातार टालने के बजाय संवाद के माध्यम से जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए।
संगठन ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी से असंतोष बढ़ता है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण अधिकारियों को संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर व्यावहारिक और न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सीईओ के नाम सौंपा। इसमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी मजबूत करने, गांवों में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने और किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराने की मांग की गई।
संगठन के ब्रह्मपाल कपासिया ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, गांवों की उपेक्षा और किसानों की समस्याओं को लेकर प्राधिकरण ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। यदि प्राधिकरण स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने पर भी विचार किया जा सकता है।
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों को रोकना नहीं, बल्कि उनमें पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित कराना है। साथ ही गांवों और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल कराना संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल है।
प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने प्राधिकरण प्रशासन से मांग की कि शहर और गांव के विकास में अंतर कम किया जाए तथा प्रत्येक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की समान उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संगठन ने उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर प्राधिकरण जल्द कार्रवाई करेगा।


