Airport Jobs: नोएडा एयरपोर्ट पर स्थायी नौकरी की मांग तेज, 335 किसान परिवारों के युवा करेंगे लखनऊ कूच

Airport Jobs: नोएडा एयरपोर्ट पर स्थायी नौकरी की मांग तेज, 335 किसान परिवारों के युवा करेंगे लखनऊ कूच
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित किसानों के परिवारों के युवाओं में स्थायी रोजगार की मांग को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से नौकरी की मांग कर रहे युवाओं का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें स्थायी रोजगार और अन्य सुविधाएं देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक वादे पूरे नहीं किए गए हैं। अधिकारियों से कई दौर की बातचीत और प्रदर्शन के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर अब युवाओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने के लिए लखनऊ कूच की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार जेवर क्षेत्र के 335 किसान परिवारों के युवाओं ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजे के साथ रोजगार का विकल्प चुना था। इन युवाओं का कहना है कि उन्हें यापल और नायल के माध्यम से स्थायी नौकरी दिलाने, ऑफर लेटर जारी करने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि समय बीतने के बाद भी अधिकांश युवाओं को वादे के अनुरूप स्थायी रोजगार नहीं मिल सका।
युवाओं का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यापल और नायल के ऑफर लेटर की मांग की तो उन्हें बताया गया कि ऐसा संभव नहीं है। इसके बजाय एयरलाइंस में रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन अब एयरलाइंस की बजाय उनकी वेंडर कंपनियों की ओर से इंटरव्यू के लिए ई-मेल भेजे जा रहे हैं।
युवा अजीत कुमार और चांद मोहम्मद का कहना है कि कुछ युवाओं को ऑफर लेटर भी मिले हैं, लेकिन उनमें कई शर्तें लागू की गई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि ये नौकरियां स्थायी न होकर संविदा आधारित हैं। उनका कहना है कि जब किसानों ने अपनी जमीन परियोजना के लिए दी थी, तब उन्हें स्थायी रोजगार का भरोसा दिया गया था। ऐसे में अब संविदा पर नौकरी देना वादे के विपरीत है।
युवाओं का कहना है कि एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजना के लिए उन्होंने अपने परिवार की कृषि भूमि छोड़ी है, इसलिए उन्हें केवल अस्थायी रोजगार नहीं बल्कि सुरक्षित और स्थायी नौकरी मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि संविदा आधारित नौकरी में भविष्य की कोई सुरक्षा नहीं होती और इससे परिवारों का आर्थिक भविष्य भी अनिश्चित बना रहता है।
इससे पहले भी युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर जेवर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने उन्हें दो दिन के भीतर समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। इससे प्रभावित युवाओं में नाराजगी और बढ़ गई है।
अब युवाओं ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखने के लिए लखनऊ कूच करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर उनकी मांगों का समाधान नहीं हो पा रहा है तो वे राज्य सरकार से सीधे हस्तक्षेप की मांग करेंगे। उनका उद्देश्य सरकार को यह बताना है कि भूमि अधिग्रहण के समय किए गए वादों का पालन किया जाए और सभी पात्र युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
युवाओं ने यह भी मांग उठाई है कि यदि उन्हें वादे के अनुरूप स्थायी नौकरी नहीं दी जाती है तो प्रत्येक प्रभावित युवा को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि यह मांग इसलिए उठाई जा रही है क्योंकि उन्होंने रोजगार की उम्मीद में अपनी जमीन परियोजना के लिए उपलब्ध कराई थी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। ऐसे में स्थानीय युवाओं की रोजगार संबंधी मांग भी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस विवाद का क्या समाधान निकालती हैं और प्रभावित परिवारों को किस प्रकार राहत प्रदान की जाती है।




