
New Delhi : दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है और जब महिलाएं निर्णायक पदों पर पहुंचेंगी, तभी समाज और परिवार से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी बदलाव संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि ‘लखपति बिटिया’ और ‘अनमोल’ जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कार्यक्रम में ‘अब नेतृत्व की बारी है, नारी शक्ति वंदन की जिम्मेदारी है’ और ‘सशक्त नारी, समृद्ध राष्ट्र’ जैसे संदेशों के जरिए महिला नेतृत्व और समान प्रतिनिधित्व के महत्व को रेखांकित किया गया। रेखा गुप्ता ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह ‘बेटी बचाओ’ से ‘बेटी बढ़ाओ’ तक की यात्रा को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग लंबे समय से उठती रही है और 2023 में इस अधिनियम का कानून बनना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर इसे जन-आंदोलन का रूप दें, क्योंकि महिलाओं की बराबरी की भागीदारी से ही लोकतंत्र मजबूत होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों ने भाग लेकर समर्थन जताया। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे निर्धारित नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर इस पहल से जुड़ें। हस्ताक्षर अभियान के बाद रेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं और महिला शिक्षकों के साथ संवाद किया और चाय पर उनकी राय व सुझाव सुने। इस संवाद के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सरल और सहज संवाद से नीतियां अधिक प्रभावी बनती हैं।





