
New Delhi : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के ए-ब्लॉक में 75.40 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क और ड्रेनेज परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत क्षेत्र की करीब 5.77 किलोमीटर लंबी सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा, जबकि 11.54 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण और सुधार किया जाएगा। इससे जलभराव की समस्या कम करने और क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना का काम दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम द्वारा किया जाएगा।

इस अवसर पर वजीरपुर से विधायक पूनम शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक है, जहां हजारों उद्योग और व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। लंबे समय से क्षेत्र में जर्जर सड़कों, क्षतिग्रस्त नालियों, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी की समस्याएं सामने आ रही थीं। दिल्ली सरकार ने इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या बार-बार सड़क कटिंग और विभिन्न एजेंसियों द्वारा अलग-अलग कार्यों के कारण होने वाली अव्यवस्था है। भूमिगत यूटिलिटी डक्ट्स विकसित होने के बाद विभिन्न सेवाओं के रखरखाव और विस्तार के लिए बार-बार सड़कों को खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी। अब बार-बार नहीं खुदेंगी सड़कें, वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में पहली बार अंडरग्राउंड ‘यूटिलिटी डक्ट’ तकनीक से होगा विकास।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या उद्योगों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन जाती है। इस परियोजना के तहत विकसित होने वाला आधुनिक स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम वर्षा जल निकासी को बेहतर बनाएगा और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिछेगा 11.54 किमी लंबा आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क जिससे जलभराव से मिलेगी मुक्ति। दिल्ली सरकार औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दृष्टिकोण के तहत परियोजना में वृक्षारोपण और लैंडस्केपिंग को भी विशेष महत्व दिया गया है, जिससे क्षेत्र को अधिक स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी के सभी औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाना है। राजधानी के सभी औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाना हमारा लक्ष्य है। बेहतर सड़कें, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और सुव्यवस्थित अवसंरचना न केवल उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र राजधानी के सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल होगा और यह अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को बधाई देते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार विकसित दिल्ली के संकल्प को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचे के व्यापक उन्नयन पर निरंतर कार्य कर रही है और आने वाले समय में राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार की विकास परियोजनाओं को गति दी जाएगी।
वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से हैदरपुर तक नहर किनारे लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक छठ घाट विकसित किया जा रहा है। साथ ही, क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण पुलियों के निर्माण को भी परियोजना में शामिल किया गया है, जिससे इसकी लागत और दायरा दोनों बढ़ाए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष छठ पर्व पर श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, भव्य और सुव्यवस्थित घाट की सुविधा मिलेगी। दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में 100 अटल कैंटीनों की स्थापना का लक्ष्य रखा है, जिनमें से दो वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र में शुरू की जा चुकी हैं। इन कैंटीनों में मात्र 5 रुपये में गुणवत्तापूर्ण और सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। क्षेत्र में पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी ताकि छोटी बीमारियों के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम हो सके।


