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नई दिल्ली: यौन उत्पीड़न के आरोपी एचओडी को एम्स ने किया पदमुक्त

नई दिल्ली: यौन उत्पीड़न के आरोपी एचओडी को एम्स ने किया पदमुक्त
-यूनियन ने कहा, यौन उत्पीड़न की शिकायत पीएमओ भेजने के बाद हुई कार्रवाई की शुरुआत

नई दिल्ली, 13 अक्तूबर : एम्स दिल्ली ने महिला नर्स के यौन उत्पीड़न और चरित्र हनन के आरोपी डॉ. ए.के. बिसोई को कार्डियोलॉजी सर्जरी विभाग के एचओडी पद से हटा दिया है। उनकी जगह कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वी. देवगौरौ को कार्यभार सौंपा गया है।

दरअसल, एम्स दिल्ली के सीटीवीएस विभाग की एक महिला नर्सिंग अधिकारी ने बीते सितम्बर माह में डॉ. बिसोई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत को लेकर एम्स नर्स यूनियन ने 30 सितंबर, 4 अक्तूबर और फिर 7 अक्तूबर को निदेशक से लिखित गुजारिश की। मगर कार्रवाई न होने के बाद शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेज दी जिसमें पीड़िता की पीड़ा और प्रशासन की निष्क्रियता का विवरण शामिल था। इसके बाद मामले ने गंभीरता पकड़ ली और एम्स प्रशासन ने आनन फानन में एचओडी को पद से हटा दिया।

एक अधिकारी के मुताबिक, यह एम्स के इतिहास में पहला मामला है जहां किसी विभागाध्यक्ष को इस तरह के आरोपों के चलते पद से हटाया गया है। हालांकि, डॉ. बिसोई को उनके प्रशासनिक कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है, लेकिन जांच अभी भी जारी है। मामला अब आगे की जांच के लिए संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को भेजा जाएगा। डॉ. बिसोई पहले भी विवादों और इसी तरह के आरोपों में घिरे रहे हैं। 2019 में एक महिला नर्स ने उन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था, हालांकि तब कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई। 2009 में, अनियमित गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था।

क्या है शिकायत ?
नर्स की शिकायत में कहा गया है, डॉ. ए.के. बिसोई आईसीयू राउंड के दौरान, वार्डों में और ऑपरेशन थिएटरों के अंदर अक्सर अश्लील, गैर-पेशेवर और अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। जो ना सिर्फ लैंगिकवादी, अश्लील और अपमानजनक थीं, बल्कि ये गंभीर चरित्र हनन का भी करती हैं। यौन रूप से अपमानजनक टिप्पणियों का उद्देश्य शिकायतकर्ता के चरित्र और गरिमा को धूमिल करना था।

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