नई दिल्ली: टांके लगाने से लेकर रोबोटिक सर्जरी के ज्ञान से मेडिकल छात्रों को कराया अवगत

नई दिल्ली, 4 सितंबर : एम्स दिल्ली के शल्य चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) में करीब 100 से ज्यादा छात्रों को सर्जरी की शिक्षा प्रदान की गई। इस अवसर पर सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील चुंबर, डॉ. पियूष रंजन मिश्रा और हेमांग भट्टाचार्जी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

डॉ. सुनील चुंबर ने बताया कि हम प्रतिवर्ष मेडिकल सर्जरी में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए सीएमई का आयोजन करते हैं। इस वर्ष देशभर के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अध्ययनरत सर्जरी के छात्रों को टांके लगाने और गांठ लगाने की बुनियादी तकनीकों से लेकर उन्नत लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान छात्रों को सिमुलेशन मॉडल के जरिये ओपन सर्जरी और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का अनुभव मिल सका। छात्रों को जानवरों के टिश्यू पर सर्जरी करने की प्रैक्टिस भी कराई गई।

डॉ. हेमांग भट्टाचार्जी ने बताया कि सीएमई के दौरान एम्स दिल्ली के एमबीबीएस छात्रों को स्नातक स्तर पर ही शल्य चिकित्सा तकनीकों का प्रारंभिक अनुभव हासिल करने का मौका मिला। छात्रों को रोबोटिक सर्जरी के बाबत रोबोट कार्यों से अवगत कराया गया। जो आमतौर पर अन्य मेडिकल कॉलेजों या चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध नहीं हैं। इस दौरान स्नातकोत्तर प्रशिक्षुओं के साथ-साथ शुरुआती करियर वाले सर्जनों के लिए प्रक्रियात्मक वीडियो प्रस्तुतियां, शिक्षाप्रद व्याख्यान और केस-आधारित चर्चाएं भी की गईं ताकि उनके सर्जरी कौशल में वृद्धि हो सके।

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