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नई दिल्ली: पुरुष के सीने में धड़केगा महिला का दिल

नई दिल्ली: पुरुष के सीने में धड़केगा महिला का दिल
-प्रत्यारोपण के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर गाजियाबाद से फोर्टिस एस्कॉर्ट पहुंचाया गया दिल

नई दिल्ली, 2 जून: 35 साल की महिला डोनर के दिल से 49 साल के मरीज को नया जीवन मिलने की बात सामने आई है। मामला दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल का है, जहां गाजियाबाद के अस्पताल में ब्रेन डेड महिला का जिंदा दिल महज 19 मिनट में पहुंचाया गया और हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

दरअसल, एक 35 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मस्तिष्क मृत्यु हो गई थी जिसके पीछे सेरेब्रल ब्लड वेसल रप्चर (दिमाग की नस फटना) था। ऐसे में परिवार ने ब्रेन डेड महिला के दिल सहित अन्य अंग दान करने का फैसला किया, जिससे कई लोगों नया जीवन मिल सका। इनमें एक 49 वर्षीय मरीज मरीज भी शामिल है जो इस्कीमिक कार्डियोमायोपैथी नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। मरीज पिछले अगस्त से नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (एनओटीटीओ) में रजिस्टर्ड था और एक उपयुक्त डोनर का इंतजार कर रहा था।

ब्रेन डेड महिला के परिजनों द्वारा मृतका के अंगदान करने के बाद एनओटीटीओ ने महिला का दिल इस्कीमिक कार्डियोमायोपैथी के मरीज को आवंटित कर दिया। जिसे गाजियाबाद से दिल्ली लाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाया और 17 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 19 मिनट में तय करके फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने हार्ट का सफल ट्रांसप्लांट किया। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और डॉक्टर की निगरानी में हैं।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला रोड के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. विक्रम अग्रवाल ने कहा, हम दिल्ली और गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस के आभारी हैं जिन्होंने इस मिशन को समय पर सफल बनाया। साथ ही, हम उस डोनर परिवार को दिल से धन्यवाद देना चाहते हैं जिनकी दरियादिली ने ये मुमकिन किया। ये एक उदाहरण है कि कैसे मेडिकल साइंस और मानवता मिलकर चमत्कार कर सकते हैं।

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