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नई दिल्ली: महिला लिंगानुपात को गिरा रही NIPT किट!

नई दिल्ली: महिला लिंगानुपात को गिरा रही NIPT किट!
नई दिल्ली: -गैरकानूनी तरीके से महिला भ्रूण हत्या करने वालों की मददगार बन रही है ये किट

नई दिल्ली, 16 सितम्बर : प्रसव पूर्व लिंग चयन को रोकने वाले तमाम कानूनों और जागरूकता अभियानों के बाबजूद राजधानी दिल्ली में पुरुष -महिला लिंगानुपात (1000/920) में बड़ा अंतर बना हुआ है। जिसके चलते महज एक वर्ष में ही 10 हजार से ज्यादा महिला शिशुओं का जन्म ‘कम’ हुआ है। इसके पीछे एनआईपीटी (नॉन-इनवेसिव प्रीनेटल टेस्ट) किट एक बड़ा कारण बनकर उभर रही है।

दरअसल, दिल्ली के स्वास्थ्य केंद्रों में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य के मद्देनजर बड़ी संख्या में एनआईपीटी किट उपलब्ध कराई जा रही हैं जिनका उद्देश्य जेनेटिक डिसऑर्डर स्क्रीनिंग करना है। ताकि अनुवांशिक रोगों से पीड़ित नवजात की पहचान की जा सके और उसे अनुवांशिक रोगों से बचाया जा सके। मगर इस किट के जरिये गैर कानूनी तरीके से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा रही है और उन्हें बताया जा रहा है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की है। इस कार्य में लैब कर्मियों के शामिल होने के संकेत मिलते हैं ,चूंकि सामने आने वाले जेनेटिक डिसऑर्डर के अनुपात में एनआईपीटी किट की खपत ज्यादा हो रही है।

इस संबंध में बात करने पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि शिशु लिंग निर्धारण के लिए एनआईपीटी किट ही नहीं हैंड हेल्ड अल्ट्रासाउंड मशीनों का भी धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। साथ ही एमटीपी किट के के जरिये स्वैच्छिक गर्भपात किया जा रहा है। नतीजतन महिला लिंगानुपात में गिरावट का सिलसिला जारी है। हालांकि इन किट के दुरुपयोग को रोकने के लिए गाइडलाइन्स बनाई गई हैं लेकिन उनका सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। इसके अलावा पीसी-पीएनडीटी एक्ट या गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 को भी सख्ती से लागू करने की जरूरत है।

क्या है एनआईपीटी और एमटीपी किट?
एनआईपीटी किट एक प्रकार का प्रसव पूर्व परीक्षण है। इस किट से मां के रक्त में पाए जाने वाले भ्रूण के डीएनए के टुकड़ों का विश्लेषण किया जाता है। ताकि कुछ आनुवंशिक विकारों जैसे डाउन सिंड्रोम (ट्राइसोमी 21), ट्राइसोमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम) और ट्राइसोमी 13 (पटाऊ सिंड्रोम) के जोखिम का पता लगाया जा सके। यह परीक्षण सुरक्षित है क्योंकि इसमें माँ के गर्भ या भ्रूण को कोई जोखिम नहीं होता है। लेकिन कुछ लैब शिशु के लिंग का भी पता लगाती हैं। वहीं, एमटीपी या मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी किट ऐसी दवाओं का एक सेट है जो महिलाओं को घर पर ही सुरक्षित और निजी तौर पर अनचाहे गर्भ को समाप्त करने में मदद करता है। यह ओवर द काउंटर (ओटीसी) दवाओं की तरह बाजार में आसानी से उपलब्ध है

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