Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

नई दिल्ली/चेन्नई: फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर के 40 वर्ष पूरे होने पर जश्न 

नई दिल्ली/चेन्नई: फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर के 40 वर्ष पूरे होने पर जश्न 
- परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की दिशा में राष्ट्र की महत्वपूर्ण खोज रहा है एफबीटीआर

नई दिल्ली/चेन्नई, 19 अक्तूबर : इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर), कलपक्कम ने शनिवार को फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (एफबीटीआर) की पहली क्रिटीकेलिटी की 40वीं वर्षगांठ मनाई। जो परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के तहत दूसरा सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान है।

इस अवसर पर भारत की परमाणु ऊर्जा में चार दशकों के नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता पर प्रकाश डाला गया। एफबीटीआर एक 40 मेगावाट/13.6 मेगावाट सोडियम-कूल्ड, लूप-प्रकार का फास्ट ब्रीडर रिएक्टर है जो मिश्रित प्लूटोनियम-यूरेनियम कार्बाइड कोर द्वारा संचालित होता है। एक परीक्षण सुविधा के रूप में डिजाइन किए गए इस रिएक्टर ने भविष्य के द्रुत प्रजनक रिएक्टरों के लिए ना सिर्फ आवश्यक ईंधन और संरचनात्मक सामग्रियों पर विकिरण अध्ययन का मार्ग प्रशस्त किया है। बल्कि प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) सहित भविष्य के रिएक्टरों के विकास की नींव रखने में मदद की है।

इसकी वजह से भारत में पहली बार निर्माण और कमीशनिंग के शुरुआती वर्षों में सोडियम शीतलक प्रबंधन, मिश्रित कार्बाइड ईंधन निर्माण, और द्रुत रिएक्टर प्रणालियों के लिए कठोर सुरक्षा प्रोटोकॉल स्थापित करने जैसी तकनीकों में महारत हासिल करने और उन्हें विकसित करने के अग्रणी और चुनौतीपूर्ण प्रयास सफल किए जा सके।1985 में पहली सफलता प्राप्त करने के बाद,एफबीटीआर भारत के स्वदेशी द्रुत रिएक्टर कार्यक्रम का एक प्रमुख केंद्र रहा है और परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की दिशा में राष्ट्र की महत्वपूर्ण खोज रहा है।

आईजीसीएआर के रिएक्टर सुविधा समूह के निदेशक एस. श्रीधर और आईजीसीएआर के निदेशक सी. जी. करहाडकर ने केंद्र की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। होमी भाभा चेयर प्रोफेसर और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष और डीएई के सचिव के. एन. व्यास ने फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर पर एक स्मारक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा, एफबीटीआर ने प्रोटोटाइप तीव्र ब्रीडर रिएक्टर और भविष्य के तीव्र रिएक्टर विकास की नींव रखी है, जो आत्मनिर्भर परमाणु तकनीक के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करने के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

संवाददाता

Editor

संबंधित खबरें