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Noida: नोएडा में घुटनों के दर्द पर वर्कशॉप का आयोजन, युवाओं में बढ़ती समस्या पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

Noida: नोएडा में घुटनों के दर्द पर वर्कशॉप का आयोजन, युवाओं में बढ़ती समस्या पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

रिपोर्ट: अजीत कुमार

नोएडा के सेक्टर-70 स्थित फर्स्ट वन रिहैब सेंटर में आज घुटनों में दर्द की समस्या को लेकर एक संगोष्ठी और वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस बढ़ती हुई परेशानी के कारणों और उपचार विधियों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में प्रमुख रूप से शामिल रहे फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. महिपाल सिंह, डॉ. सुष्मिता भाटी और डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने बताया कि आज के समय में गलत जीवनशैली, वर्क फ्रॉम होम कल्चर और बैठने के गलत तरीकों के कारण घुटनों में दर्द की समस्या तेजी से युवाओं में भी फैल रही है। डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि पहले जो समस्या 45 से 50 वर्ष की उम्र के बाद आती थी, वह अब 18 से 25 वर्ष के युवाओं में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने अपने 15 वर्षों के चिकित्सा अनुभव को साझा करते हुए कहा कि 80% तक मामलों में फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी से प्रभावी राहत मिल सकती है।

इस कार्यशाला में एमिटी इंस्टिट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी के छात्र और कई प्रोफेशनल्स ने भाग लिया, जिन्होंने शरीर के संतुलन, हड्डियों के संरचनात्मक बदलाव, नर्व सिस्टम की सक्रियता और मांसपेशियों के अभ्यास पर विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। सेमिनार में विशेष अतिथि के रूप में स्पीच थेरापिस्ट डॉ. भावना आनंद, सुरभि जैन और कृष्णा यादव उपस्थित रहीं। उन्होंने बताया कि कैसे फिजियोथेरेपी न केवल घुटनों के दर्द, बल्कि न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में भी सहायक हो सकती है। कार्यक्रम का संचालन पियूष कंडपाल और दिव्या कार्की ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों और वक्ताओं के बीच संवाद को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस आयोजन का उद्देश्य न केवल घुटनों के दर्द की चिकित्सा जानकारी देना था, बल्कि समाज में तेजी से फैलती इस समस्या को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना भी था। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सरल व्यायाम, स्ट्रेचिंग, बैठने की सही तकनीक और पोषण से जुड़ी सलाहें भी दीं ताकि लोग भविष्य में इस परेशानी से बच सकें।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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