Kishau Project: किशाऊ समझौते का श्रेय कांग्रेस सरकार और प्रदेश की जनता को, हिमाचल के हितों की मजबूती से लड़ी लड़ाई : सीएम सुक्खू

Kishau Project: किशाऊ समझौते का श्रेय कांग्रेस सरकार और प्रदेश की जनता को, हिमाचल के हितों की मजबूती से लड़ी लड़ाई : सीएम सुक्खू

शिमला, 17 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के हितों की लड़ाई कांग्रेस सरकार ने मजबूती से लड़ी है, इसलिए समझौते का श्रेय भी हिमाचल की जनता और वर्तमान सरकार को जाता है। मुख्यमंत्री हमीरपुर जिले के नादौन विधानसभा क्षेत्र के रैल में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता अनुराग सिंह ठाकुर और जयराम ठाकुर का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें उत्तराखंड से पूछना चाहिए कि किशाऊ परियोजना को लेकर वहां की चिंताएं क्या हैं। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश को परियोजना में अतिरिक्त निवेश किए बिना करीब 1,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा, जबकि उत्तराखंड को इतनी आय अर्जित करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना में उत्तराखंड की अधिक भूमि प्रभावित हो रही है।

सुक्खू के मुताबिक पांच वर्ष पहले जिस परियोजना की लागत करीब 800 करोड़ रुपये आंकी गई थी, उसकी लागत अब बढ़कर 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार बनने के बाद किशाऊ परियोजना को लेकर तीन महत्वपूर्ण बैठकें हुईं और राज्य सरकार ने इन बैठकों में प्रदेश के अधिकारों और आर्थिक हितों की पैरवी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हिमाचल के अधिकारों से जुड़े मामलों को मजबूती से उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीबीएमबी से संबंधित लंबित एरियर भी प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश की संपत्तियों और राजस्व से जुड़े मामलों में कानूनी लड़ाई लड़कर राज्य के हितों की रक्षा की है।

वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का उल्लेख करते हुए सुक्खू ने कहा कि करीब 23 वर्षों से अदालत में चल रहे मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली। उन्होंने दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं और करीब दो करोड़ रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश की जनता और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने जेएसडब्ल्यू कंपनी से छह प्रतिशत अतिरिक्त रॉयल्टी से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछली भाजपा सरकार के समय से लंबित था। कांग्रेस सरकार बनने के बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और राज्य सरकार के पक्ष में फैसला आने से प्रदेश को करीब 150 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त आय होने का दावा किया।

सुक्खू ने शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य के राजस्व में वृद्धि होने की बात भी कही। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान शराब ठेकों का नवीनीकरण किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने नीलामी के माध्यम से करीब 450 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पहले लगभग 150 करोड़ रुपये था।

स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों और फैकल्टी के साथ विस्तृत चर्चा के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में पुरानी एमआरआई मशीनों और कमजोर डायग्नॉस्टिक व्यवस्था जैसी समस्याएं थीं। उनके अनुसार पिछली सरकार के समय मेडिकल कॉलेजों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसे वर्तमान सरकार ने डॉक्टरों, टेक्निकल और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्तियों के जरिए करीब 60 प्रतिशत तक पहुंचाया है।

उन्होंने हिमकेयर योजना में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान अनियमितताओं का आरोप भी लगाया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जांच में ऐसे बिल भी सामने आए जिनमें पुरुष मरीजों की बच्चादानी के ऑपरेशन दिखाए गए थे। यह आरोप मुख्यमंत्री के बयान का हिस्सा है।

शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल के बाद प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने हिमाचल को पूर्ण साक्षर राज्य बताते हुए कहा कि प्रदेश में शुरू किए जा रहे सीबीएसई स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और इनमें शिक्षकों की नियुक्ति मेरिट के आधार पर की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा के सांसदों और विधायकों पर प्रदेश के हितों को केंद्र सरकार के सामने प्रभावी ढंग से नहीं उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय हिमाचल के अधिकारों की मांग को लेकर भाजपा के प्रतिनिधियों ने केंद्र के समक्ष पर्याप्त पैरवी नहीं की। सुक्खू ने दावा किया कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल के लिए घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता में से अभी तक राज्य को राशि प्राप्त नहीं हुई है।

उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि प्रदेश को आरडीजी के तहत मिलने वाली प्रतिवर्ष आठ से दस हजार करोड़ रुपये की सहायता बंद हो गई है। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ओपीएस पर कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास ऐसे निर्णय लेना है जिनसे हिमाचल आर्थिक रूप से मजबूत हो और वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके।

नादौन क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और हिमाचल प्रदेश ने इसके लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने नादौन के करनडोला में इसी वर्ष देश का पहला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज शुरू करने की घोषणा भी की। इसके साथ ही पॉलिटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई में न्यू एज कोर्स शुरू करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने नादौन विधानसभा क्षेत्र के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यहां की जनता ने उन्हें लगातार समर्थन और स्नेह दिया है। उन्होंने आगामी चुनाव का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेश के अधिकारों और हितों से जोड़ते हुए कांग्रेस के लिए जनता का समर्थन मिलने की उम्मीद जताई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रैल में दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का उद्घाटन किया। इसके अलावा 2.10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैल के भवन और 9.43 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नादौन के अतिरिक्त भवन खंड की आधारशिला रखी। इससे पहले उन्होंने रैल में जन स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया और पौधरोपण भी किया।

कार्यक्रम में कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पृथ्वी चंद और उपायुक्त गंधर्वा राठौर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img