Sunday, 8 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : योगी सरकार का राज्य कर्मचारियों को दीपावली का तोहफा, महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कियाLucknow : सीएम योगी के नेतृत्व में सौर क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश, पीएम सूर्य घर योजना में देश में पहले नंबर परAyodhya : देश में श्रीराम के आचरण को जी रहे दो योगी, एक ‘कर्मयोगी’ मोदी और दूसरे सीएम योगी- सी.पी. राधाकृष्णनAyodhya : पुष्पक विमान से उतरे प्रभु श्रीराम, सीएम योगी ने माला पहनाकर किया स्वागतAyodhya : रामभक्तों पर गोली चलाने और संतों का अपमान करने वाले अयोध्या आएं तो माफी मांगकर आएं- मुख्यमंत्रीAyodhya : राम भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना के आधार, दीपोत्सव भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का वैश्विक उत्सव- राज्यपालAyodhya : योगी सरकार में संभव हुआ मां कौशल्या की पहली शोभायात्रा का आयोजनAyodhya : श्रीरामजन्मभूमि मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक- उपराष्ट्रपति

ICCR, Roots 2 Roots और UPRTOU का ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता, भारतीय कलाओं को मिलेगा वैश्विक मंच

नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2025 – भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), रूट्स 2 रूट्स (Roots 2 Roots) और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (UPRTOU) ने मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। तीनों संस्थानों ने आज आईसीसीआर मुख्यालय, आज़ाद भवन, नई दिल्ली में एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत की प्रदर्शन कलाओं को अंतरराष्ट्रीय छात्रों और प्रवासी भारतीयों तक ऑनलाइन माध्यम से पहुँचाना है।

इस समझौते पर ICCR की कार्यक्रम निदेशक श्रीमती अर्चना शर्मा, रूट्स 2 रूट्स के संस्थापक श्री राकेश गुप्ता और UPRTOU के रजिस्ट्रार कर्नल विनय कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर UPRTOU के कुलपति प्रो. सत्यकाम समेत तीनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उद्देश्य और महत्व

यह सहयोग भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक बड़ी पहल है। इसके अंतर्गत कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, तबला, हारमोनियम, हिंदुस्तानी वोकल, कठपुतली निर्माण, रंगोली, मधुबनी पेंटिंग, मेंहदी और बॉलीवुड नृत्य जैसी प्रमुख भारतीय कलाओं की लाइव और इंटरएक्टिव ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी।

2023 और 2024 में रही बड़ी सफलता

पिछले दो वर्षों में रूट्स 2 रूट्स और ICCR ने मिलकर विभिन्न कलाओं में प्रायोगिक ऑनलाइन कक्षाएं चलाई थीं। इनमें दुनिया भर के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए अब इसे एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के रूप में विस्तारित किया जा रहा है।

प्रमुख विशेषताएं

  • ICCR: भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला यह संगठन दुनिया भर के ICCR केंद्रों और भारतीय मिशनों के माध्यम से इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करेगा।
  • Roots 2 Roots: यह NGO मल्टी-कैमरा सेटअप, प्रोफेशनल साउंड और इंटरएक्टिव सॉफ्टवेयर के ज़रिए इन कक्षाओं का संचालन करेगा।
  • UPRTOU: यह विश्वविद्यालय छात्रों का मूल्यांकन कर उन्हें प्रमाणपत्र और डिप्लोमा प्रदान करेगा।

भाषा और तकनीकी सुविधा

कक्षाएं अंग्रेज़ी में संचालित होंगी और 125 भाषाओं में उपशीर्षक (सबटाइटल) दिए जाएंगे, जिससे दुनिया भर के छात्र आसानी से सीख सकें। सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ रियल टाइम संवाद की सुविधा भी होगी।

नेताओं की प्रतिक्रिया

ICCR की कार्यक्रम निदेशक श्रीमती अर्चना शर्मा ने कहा, “यह पहल हमारी अनोखी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है और इसे वैश्विक मंच पर साझा करने का एक सशक्त माध्यम है।”

UPRTOU के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा, “इस साझेदारी से भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से प्रस्तुत की जा सकेंगी।”

रूट्स 2 रूट्स के संस्थापक श्री राकेश गुप्ता ने कहा, “ICCR और UPRTOU के सहयोग से यह पहल एक बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन बन सकती है।”

रूट्स 2 रूट्स के बारे में

पिछले दो दशकों से रूट्स 2 रूट्स कला, संस्कृति और विरासत को डिजिटल माध्यम से बढ़ावा देने वाला अग्रणी एनजीओ रहा है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में यह सबसे बड़े डिजिटल सांस्कृतिक शिक्षा प्रदाता के रूप में दर्ज है। यह देश का पहला और एकमात्र सांस्कृतिक NGO है जो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के SSE प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध है।

NGO का प्रभावशाली योगदान:

  • 24,000+ स्कूलों और कॉलेजों तक मुफ्त डिजिटल सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • 2.2 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच
  • 67 से अधिक देशों में उपस्थिति

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें