Himachal Helicopter Service: शिमला से रामपुर और रिकांगपिओ के लिए हेली-हॉप सेवा शुरू, चार महीने में हमीरपुर, चंबा और पालमपुर भी जुड़ेंगे
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और दूरदराज के क्षेत्रों तक आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला के संजौली से रामपुर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने रामपुर प्रवास के दौरान किए गए वायदे को पूरा करते हुए 21 अक्टूबर 2026 को इस सेवा की शुरुआत की। क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के अंतर्गत शुरू की गई हेली-हॉप हिमाचल हेलीकॉप्टर सेवा से शिमला, रामपुर और रिकांगपिओ के बीच हवाई संपर्क मजबूत होगा। यह सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध रहेगी। प्रदेश सरकार ने आने वाले चार महीनों के भीतर हमीरपुर, चंबा और पालमपुर के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नई हेलीकॉप्टर सेवा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हेलीकॉप्टर सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर संजौली से उड़ान भरेगा और सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर रामपुर से रिकांगपिओ के लिए उड़ान भरी जाएगी, जो सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। वापसी यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर रिकांगपिओ से उड़ान भरेगा और दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर रामपुर से संजौली के लिए उड़ान रवाना होगी और दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर संजौली पहुंचेगी। इस सेवा के शुरू होने से यात्रियों को पहाड़ी रास्तों पर लंबी सड़क यात्रा करने के विकल्प के रूप में हवाई परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम करने और लोगों को सुविधाजनक संपर्क उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश में बदलते समय, नई सोच और विकास की असीम संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य में बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी, स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक परिवहन सुविधाओं का लाभ मिले। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों के लिए नए पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के हर कोने को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सरकार लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है, ताकि लोगों को सुगम, सहज और समयबद्ध संपर्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, चंबा और पालमपुर के लिए अगले चार महीनों में हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने की योजना है। इससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य हवाई परिवहन को केवल प्रमुख शहरों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला में हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए जमीन चिन्हित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से भविष्य में हवाई सेवाओं का विस्तार करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण यानी वायबिलिटी गैप फंडिंग की पूरी राशि राज्य सरकार वहन कर रही है। इस मद में सरकार की ओर से लगभग 35.70 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई परिवहन को व्यवहारिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी जिला मुख्यालयों सहित कुल 16 हेलीपोर्ट के निर्माण और विकास पर भी काम कर रही है। इन हेलीपोर्ट के विकसित होने से प्रदेश में हवाई परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने और विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने में सहायता मिलेगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों, पर्यटन गतिविधियों और सामान्य यातायात के लिए हवाई संपर्क की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। सरकार की योजना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवाओं का एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे लोगों को समय की बचत के साथ अधिक सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिल सके।
प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में कांगड़ा जिले के गग्गल हवाई अड्डे का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के तहत प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से लोगों को 2,400 करोड़ रुपये की राशि वितरित कर चुकी है। गग्गल हवाई अड्डे का विस्तार पूरा होने के बाद इसे हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इससे कांगड़ा क्षेत्र सहित हिमाचल के अन्य हिस्सों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच स्पष्ट है कि हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधाओं से जोड़ा जाए, लोगों का समय बचाया जाए और विकास के अवसरों को हर क्षेत्र तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और बेहतर हवाई संपर्क से नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने में सहायता मिल सकती है। शिमला से रामपुर और रिकांगपिओ के बीच शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगामी महीनों में अन्य क्षेत्रों के लिए सेवाएं शुरू होने और 16 हेलीपोर्ट के विकास से प्रदेश में हवाई परिवहन के विस्तार की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा के शुभारंभ के अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, विशेष सचिव पर्यटन विजय कुमार, नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल, पार्षदगण, पवन हंस लिमिटेड के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


