Haryana health budget 2026: हरियाणा में अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री

Haryana health budget 2026: हरियाणा में अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री

रिपोर्ट: कोमल रमोला

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 9 जनवरी को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर व्यापक संवाद किया। इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए और विभिन्न योजनाओं एवं प्रावधानों पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सत्र की शुरुआत में राजा नाहर सिंह को बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक श्री धनेश अदलखा, एनआईटी विधायक श्री सतीश फागना, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 में विकसित भारत के संकल्प में हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। इस बार बजट में सभी वर्गों के सुझाव लिए गए हैं ताकि यह केवल सरकार का बजट न होकर प्रदेश के जनमानस का बजट हो। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श की प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। हरियाणा का प्रत्येक नागरिक उनका परिवार है और उसके स्वास्थ्य की रक्षा करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे प्रभावी रूप से जमीन पर दिखाया जाना चाहिए और अंतिम व्यक्ति तक इसे पहुंचाना सरकार का मुख्य ध्येय है। उन्होंने स्वास्थ्य नीति को अधिकार के रूप में लागू करने पर जोर दिया और बताया कि पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस वर्ष स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को और सशक्त बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अब तक 6,711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइज़र और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही निजी कमरों की व्यवस्था, डे-केयर कैंसर सेंटर, 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक और ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुशासन की वास्तविक पहचान बताया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों से सुझाव देने का आग्रह किया और कहा कि जिन सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी और मैक्स हेल्थकेयर, एसएसबी हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रेम हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल इंडस्ट्री, इंद्रप्रस्थ अपोलो, इंडियन डेंटल एसोसिएशन जैसे प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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