अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने बारिश की कमी के बाद जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर और कच्छ जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, राहत व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होगी और सूखे की घोषणा छह महीने के लिए प्रभावी रहेगी।
राज्य सरकार के अनुसार, इस मानसून में प्रदेश में औसत का करीब 89 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहा। प्रभावित जिलों में खेती, सिंचाई और पशुओं के चारे की उपलब्धता पर असर पड़ा है। सरकार ने कृषि सर्वेक्षण और निर्धारित आकलन मानकों के आधार पर राहत की योजना बनाई है।
प्रस्तावित सहायता के तहत पात्र किसानों को फसल नुकसान पर प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये, अधिकतम दो हेक्टेयर तक, देने की बात कही गई है। पशुपालकों के लिए रियायती चारे और ग्रामीण रोजगार संबंधी उपायों की भी घोषणा की गई है। सहायता की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचना से स्पष्ट होगी।






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