Himachal Rural Economy: सभी क्षेत्रों का समान और संतुलित विकास सुनिश्चित कर रही प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समान और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाकर पैसा सीधे गांवों की अर्थव्यवस्था तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को कुल्लू जिले के बजौरा में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने बंजार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लोक निर्माण विश्राम गृह बजौरा और कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के पिरड़ी में 206 करोड़ रुपये की 25 विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के समय गाय के दूध का खरीद मूल्य 32 रुपये प्रति लीटर था, जिसे बढ़ाकर अब 61 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसी तरह भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन फैसलों से किसानों और पशुपालकों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिली है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। किसानों और बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार उन्हें देश और प्रदेश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उत्पाद पहुंचाने में भी हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप कुल्लू जिले में उत्पादित सिंदूरी किस्म के 113 मीट्रिक टन अनार का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में किया गया है। उन्होंने इसे प्रदेश के बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। सरकार किसानों और बागवानों को बाजारों से जोड़ने तथा उनकी उपज की बिक्री के अवसर बढ़ाने के लिए सहायता प्रदान कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन और आमदनी को प्रोत्साहन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सेब उत्पादकों के हित में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीद मूल्य में की गई बढ़ोतरी की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सेब का खरीद मूल्य एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया है। अब योजना के तहत सेब 12 रुपये प्रति किलोग्राम के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। सरकार का उद्देश्य किसानों और बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है।
किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में इस परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों की बड़ी जीत सुनिश्चित की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना के निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा करते हुए विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बजौरा और पिरड़ी में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई भी दी।
कार्यक्रम के उपरांत तांदी गांव के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की और क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव विदित चौधरी, कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व मंत्री खिमी राम शर्मा और राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा उपस्थित रहे। इसके अलावा उपायुक्त कुल्लू डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।





