Greater Noida: जलभराव और जर्जर सड़कों से परेशान लोगों ने निकाला पैदल मार्च, बोले- सड़क नहीं तो वोट नहीं
ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के सेक्टर-16बी और चिपियाना बुजुर्ग क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की बदहाली, टूटी सड़कों और नारकीय जलभराव से तंग आ चुके हजारों स्थानीय निवासियों का सब्र आखिरकार टूट गया। रविवार को क्षेत्र की छह प्रमुख आवासीय सोसायटियों और कॉलोनियों के निवासियों ने एकजुट होकर बिल्डरों और स्थानीय विकास प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार पैदल मार्च निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। किंग्सन ग्रीन विला और ग्रीन रेजिडेंसी समेत कई आवासीय परियोजनाओं के सैकड़ों निवासियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की सड़कों का तुरंत निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आगामी चुनावों में पूरी तरह मतदान का बहिष्कार करेंगे।
यह विरोध मार्च ग्रीन रेजिडेंसी गेट से शुरू होकर क्षेत्र के मुख्य बिहारी मार्केट तक निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसी सुरक्षित मार्ग से नहीं, बल्कि घुटनों तक भरे गंदे पानी, कीचड़ और सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों के बीच से होकर गुजरे, ताकि प्रशासनिक उपेक्षा की जमीनी हकीकत को उजागर किया जा सके। प्रदर्शनकारियों के गगनभेदी नारों ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ और ‘जो सड़क बनाएगा, वही वोट पाएगा’ से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च कर घर खरीदने के बावजूद वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं और बारिश के दिनों में यह पूरा इलाका किसी तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है।
इस संयुक्त विरोध प्रदर्शन में किंग्सन ग्रीन विला, ग्रीन रेजिडेंसी, आलयम विला, जीआर गार्डन, नॉवेल वैली और चिपियाना बुजुर्ग क्षेत्र के निवासी शामिल हुए। इन आवासीय परियोजनाओं में लगभग पांच हजार से अधिक मध्यमवर्गीय परिवार निवास करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि महज डेढ़ किलोमीटर की मुख्य संपर्क सड़क वर्षों से कच्ची और खस्ताहाल पड़ी है। गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था न होने से सड़कों पर हर समय गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए इस रास्ते से सुरक्षित निकलना किसी जंग जीतने जैसा हो गया है।
पैदल मार्च के दौरान एक अप्रिय घटना भी घटी, जब प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किंग्सन ग्रीन विला आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अतहर आलम सड़क पर गहरे पानी से भरे एक बड़े गड्ढे में अनियंत्रित होकर गिर पड़े। इस हादसे ने स्थानीय निवासियों के आक्रोश को और भड़का दिया। गड्ढे से बाहर निकलने के बाद अधिवक्ता अतहर आलम ने प्रशासनिक तंत्र को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र के निवासी पिछले कई वर्षों से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित बिल्डरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन की घुट्टी पिलाई गई है। डेढ़ किलोमीटर की सड़क बनवाने में प्रशासन की नाकामी यह साबित करती है कि आम टैक्सपेयर्स की सुरक्षा और सुविधाओं की किसी को परवाह नहीं है।
इस पैदल मार्च की खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ यूनिफॉर्म पहने स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मासूम बच्चों ने हाथों में ‘हमें सड़क चाहिए’, ‘हमारा रास्ता ठीक करो’ लिखी तख्तियां लेकर प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई। स्थानीय निवासियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने तुरंत इस डेढ़ किलोमीटर सड़क का पक्का निर्माण और जल निकासी का स्थायी समाधान शुरू नहीं कराया, तो वे सड़कों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे और आने वाले किसी भी चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल के प्रत्याशी को क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे।





