Delhi Pollution Control BS4 Commercial Vehicles Banned At Noida Border: प्रदूषण रोकने के लिए नोएडा बॉर्डर पर सख्ती, पहले दिन सैकड़ों व्यावसायिक वाहनों को लौटाया
राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद दिल्ली सरकार द्वारा एक नवंबर से लागू की गई वाहन प्रवेश पाबंदियों का व्यापक प्रभाव नोएडा के सभी सीमावर्ती इलाकों में देखा गया। रविवार सुबह से ही नोएडा यातायात पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर कड़ा पहरा बैठाते हुए दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे बीएस-4 और उससे नीचे के मानकों वाले सैकड़ों व्यावसायिक वाहनों को रोककर वापस मोड़ दिया। बॉर्डर पर पुलिस की इस सघन जांच प्रक्रिया के चलते कई व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन चालकों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर ग्रेडेड रिस्ंस एक्शन प्लान (ग्रैप) के कड़े नियमों के तहत प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाणिज्यिक वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया था। इस आदेश के जमीनी क्रियान्वयन के लिए नोएडा यातायात पुलिस ने दिल्ली से सटे सभी निकास और प्रवेश बिंदुओं पर विशेष जांच चौकियां स्थापित कर दीं। यातायात उपनिरीक्षकों और अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह से ही दिल्ली की ओर जाने वाले हर छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहन के दस्तावेजों, ईंधन के प्रकार और इंजन मानकों (BS-Norms) की बारीकी से जांच की गई।
नोएडा के चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी फ्लाईओवर, कालिंदी कुंज और ग्रेटर नोएडा के परी चौक जैसे प्रमुख रणनीतिक बिंदुओं पर पुलिस की टीमें मुस्तैद दिखाई दीं। चेकिंग के दौरान बीएस-4 श्रेणी की डीजल बसों, मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों और अन्य व्यावसायिक गाड़ियों को दिल्ली में दाखिल होने से साफ मना करते हुए यू-टर्न दिला दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने भी सीमा के उस पार चेकिंग का दायरा बढ़ाते हुए बीएस-4 तक की गैर-जरूरी निजी गाड़ियों की आवाजाही पर भी कड़ी नजर रखी, जिससे दोनों तरफ के ट्रैफिक पर भारी दबाव उत्पन्न हो गया।
सीमा पर अचानक शुरू हुई इस गहन जांच का सीधा असर रविवार को दैनिक यातायात पर पड़ा। सुबह 10 बजे से 11 बजे के पीक ऑवर्स के दौरान चिल्ला और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवश्यक सेवाओं और निजी काम से निकलने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जांच के दौरान केवल वैध बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही आगे जाने की अनुमति दी गई, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के चालान काटे गए और दर्जनों वाहनों को नोएडा की सीमाओं से ही वापस लौटा दिया गया।
यातायात अधिकारियों ने बताया कि अभियान के पहले ही दिन सैकड़ों व्यावसायिक वाहनों को दिल्ली सीमा से वापस लौटाकर यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। चूंकि रविवार को सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की संख्या कम होती है, फिर भी बॉर्डर पर जाम की स्थिति बनी रही, इसलिए सोमवार को कामकाजी दिन होने के कारण चेकिंग और अधिक कड़ी होगी। यातायात पुलिस ने दिल्ली जाने वाले सभी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को सलाह दी है कि वे अपने वाहनों के प्रदूषण और फिटनेस प्रमाणपत्र दुरुस्त रखें तथा जाम की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर ही यात्रा की योजना बनाएं।




