Greater Noida: मेंटेनेंस शुल्क विवाद में आमने-सामने आए निवासी और बिल्डर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण निकालेगा समाधान

Greater Noida: मेंटेनेंस शुल्क विवाद में आमने-सामने आए निवासी और बिल्डर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण निकालेगा समाधान

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इरोस सम्पूर्णम सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ोतरी को लेकर निवासियों और बिल्डर प्रबंधन के बीच टकराव गहराता जा रहा है। सुविधाएं बंद किए जाने और बिजली आपूर्ति रोके जाने से नाराज निवासियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद अब मामले के समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को हस्तक्षेप करना पड़ा है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस विवाद को सुलझाने के लिए निवासी प्रतिनिधियों और बिल्डर प्रबंधन की संयुक्त बैठक बुधवार 21 जनवरी को तय की है।

निवासियों का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा सोसाइटी में मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, ऐसे में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाना पूरी तरह से अनुचित है। उनका कहना है कि 16 जनवरी से बिल्डर ने सोसाइटी का रखरखाव बंद कर दिया, जिसके चलते शुक्रवार को कई टावरों में बिजली आपूर्ति काट दी गई। इससे नाराज होकर निवासियों ने देर रात सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद रात करीब 10 बजे डीजी के माध्यम से बिजली आपूर्ति शुरू की गई, जो अगले दिन सुबह लगभग 10 बजे तक चली। इसके बाद नियमित बिजली आपूर्ति बहाल हुई।

निवासियों का यह भी आरोप है कि डीजी से बिजली आपूर्ति किए जाने पर उनसे 27 रुपये प्रति यूनिट की दर से शुल्क वसूला गया, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। करीब 12 घंटे तक डीजी चलने के कारण कई परिवारों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा। इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। निवासियों का कहना है कि शुक्रवार से सोसाइटी के किसी भी टावर में सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं हैं, जिससे सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। हाउसकीपिंग स्टाफ द्वारा सफाई कार्य भी बंद कर दिया गया है, जिसके कारण सोसाइटी में कई जगह गंदगी फैल गई है।

इस पूरे मामले को लेकर निवासियों ने पुलिस से भी शिकायत की है और बिसरख कोतवाली में बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी है। साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। प्राधिकरण को शिकायत मिलने के बाद बिल्डर को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद बिल्डर प्रबंधन की ओर से निवासियों को सूचना दी गई कि 21 जनवरी तक आवश्यक सेवाएं बहाल रखी जाएंगी।

एओए अध्यक्ष दीपांकर कुमार ने बताया कि निवासियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि बिल्डर को मनमानी करने से रोका जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर न तो ठीक से रखरखाव कर रहा है और न ही आधिकारिक रूप से सोसाइटी का हैंडओवर देने के लिए तैयार है, जिससे निवासियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की निगाहें 21 जनवरी को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जिसमें प्राधिकरण की मौजूदगी में इस विवाद का स्थायी समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही है।

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