Greater Noida: सुपरटेक ईको विलेज वन में छत का प्लास्टर गिरा, बेड पर सो रहा बच्चा घायल; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईको विलेज वन सोसायटी में एक फ्लैट की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा गिरने का मामला सामने आया है। हादसे के समय कमरे में बेड पर एक बच्चा सो रहा था। प्लास्टर गिरने से बच्चे के हाथ और पैर में हल्की चोट आई। घटना के बाद सोसायटी के निवासियों ने निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई है।
घटना सुपरटेक ईको विलेज वन सोसायटी के टावर बी-1 स्थित फ्लैट नंबर 205 की है। यहां वरुण सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। वरुण सिंह के मुताबिक, शुक्रवार देर रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर अचानक कमरे की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर बेड पर गिर गया। उस समय उनका बेटा बेड पर सो रहा था और प्लास्टर की चपेट में आने से उसके हाथ और पैर में चोट लगी।
अचानक हुए हादसे से परिवार के लोग घबरा गए। छत का हिस्सा गिरते ही परिवार कमरे से बाहर निकल आया। गनीमत रही कि घटना में बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, हादसे के बाद परिवार ने फ्लैट की छत की स्थिति और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
सोसायटी के निवासियों का आरोप है कि छत और प्लास्टर से संबंधित ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इमारतों के कमजोर और जर्जर हिस्सों की तकनीकी जांच कराकर मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
निवासियों ने सोसायटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लगातार रखरखाव शुल्क देने के बावजूद यदि फ्लैटों के अंदर इस तरह प्लास्टर गिर रहा है तो सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव की गुणवत्ता की समीक्षा की जानी चाहिए। लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
फ्लैट निवासी वरुण सिंह ने प्रबंधन से छत की तत्काल तकनीकी जांच कराने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि केवल टूटे हिस्से की मरम्मत करने के बजाय यह पता लगाया जाना चाहिए कि प्लास्टर गिरने की वास्तविक वजह क्या है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
सोसायटी निवासी संजय शर्मा ने बताया कि निवासी हर महीने प्रबंधन को रखरखाव शुल्क देते हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी निवासी के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।


