Friendship Club Gang Loot: ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन युवतियों समेत पांच गिरफ्तार

Friendship Club Gang Loot: ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन युवतियों समेत पांच गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लोगों को फंसाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-24 पुलिस ने दो पुरुष, तीन युवतियों और एक बाल अपचारी को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है। गिरोह के कई अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव को गिरफ्तार किया गया। एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, स्विफ्ट और ऑरा कार के साथ एक अवैध चाकू बरामद किया।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब संचालित करता था। उनका साथी पंकज यादव सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद गिरोह की युवतियां ग्राहकों से संपर्क कर मिलने का झांसा देती थीं। मुलाकात के दौरान पीड़ित को कार में बैठाकर सुनसान जगह ले जाया जाता, जहां पहले से मौजूद अन्य आरोपी उसके साथ मारपीट कर नकदी, मोबाइल, वाहन और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे।

पुलिस के अनुसार गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। एक कार में युवतियां मौजूद रहती थीं, जबकि दूसरी कार में गिरोह के अन्य सदस्य पीछे-पीछे चलते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो सकें।

मुख्य आरोपी ओमवीर यादव ने स्वीकार किया कि 30 जून 2026 की रात सेक्टर-54 स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति को स्विफ्ट कार में बैठाकर उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसका मोबाइल छीनकर लॉक खुलवाया और यूपीआई के जरिए उसके विभिन्न बैंक खातों से करीब 18 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उसकी जेब से पर्स और फॉर्च्यूनर कार की चाबी छीनकर वाहन भी लूट लिया। इस पूरी वारदात के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य दूसरी कार में पीछे मौजूद थे।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में पंकज यादव, जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव और अभिषेक यादव समेत कई आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस गिरोह की अन्य वारदातों, बैंक खातों में ट्रांसफर की गई रकम और फर्जी फ्रेंडशिप क्लब के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आशंका है कि गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर में इसी तरीके से कई लोगों को अपना शिकार बनाया है।

 

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