Food Safety Action: मक्खी-मच्छर मिलने पर 100 किलो रसगुल्ले नष्ट, खाद्य सुरक्षा विभाग ने सात नमूने जांच के लिए भेजे

Food Safety Action: मक्खी-मच्छर मिलने पर 100 किलो रसगुल्ले नष्ट, खाद्य सुरक्षा विभाग ने सात नमूने जांच के लिए भेजे

नोएडा। त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम ने सर्फाबाद स्थित एक रसगुल्ला निर्माण फैक्टरी में छापेमारी की। यहां तैयार रसगुल्लों में मक्खी-मच्छर पाए जाने के बाद करीब 100 किलोग्राम रसगुल्ले मौके पर ही नष्ट करा दिए गए। टीम ने रसगुल्ले का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भी भेजा है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर खाद्य पदार्थों की जांच करते हुए कुल सात नमूने एकत्र किए हैं। इनमें पनीर, घेवर, खोया और रसगुल्ले के नमूने शामिल हैं। सभी नमूनों को गुणवत्ता और मिलावट की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

विभाग की टीम ने रविवार रात जेवर टोल प्लाजा पर भी चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान चौधरी डेरी, पिसावा जलालपुर, अलीगढ़ से एक वाहन में दिल्ली सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर की जांच की गई। टीम ने इस पनीर का एक नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा।

इसके अलावा बाजना, मथुरा स्थित भीमसेन डेरी से दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति के लिए ले जाए जा रहे पनीर की भी जांच की गई। यहां से पनीर के दो नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग यह पता लगाने के लिए इन नमूनों की जांच करा रहा है कि पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।

टीम ने मिठाई की दुकानों और निर्माण इकाइयों की भी जांच की। सेक्टर-134 स्थित बीएस बीकानेर स्वीट्स से घेवर का नमूना लिया गया। वहीं, सेक्टर इकोटेक-2 स्थित शगुन स्वीट की निर्माणशाला का निरीक्षण कर खोया और घेवर के नमूने लिए गए।

कार्रवाई के दौरान सर्फाबाद स्थित प्रदीप कुमार की फैक्टरी में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामी सामने आई। यहां रखे रसगुल्लों में मक्खी और मच्छर पाए गए। खाद्य पदार्थों की ऐसी स्थिति को देखते हुए टीम ने लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्ले नष्ट करा दिए, ताकि इन्हें बाजार में बेचने या उपभोक्ताओं तक पहुंचाने से रोका जा सके।

फैक्टरी से रसगुल्ले का नमूना भी लिया गया है। इस तरह अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों से कुल सात खाद्य नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। रिपोर्ट में नमूना मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

त्योहारों के दौरान मिठाई, पनीर, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी भी बढ़ाई गई है। विभाग का उद्देश्य मिलावटी या अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार खाद्य सामग्री की बिक्री रोकना और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना है।

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