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एनटीपीसी के प्रभावित किसानों के साथ की बैठक

एनटीपीसी दादरी के प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रेटर नोएडा स्थित जिला मुख्यालय पर अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) डा नितिन मदान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई
एनटीपीसी दादरी के प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रेटर नोएडा स्थित जिला मुख्यालय पर अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) डा नितिन मदान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई

अमर सैनी

नोएडा। एनटीपीसी दादरी के प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रेटर नोएडा स्थित जिला मुख्यालय पर अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) डा नितिन मदान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक में एनटीपीसी दादरी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एनटीपीसी से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में किसानों द्वारा एक बार फिर अपनी मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि रोजगार को लेकर एनटीपीसी दादरी दोहरी रवैया अपनाए हुए है एवं उपलब्ध रिक्तियों, उपयुक्तता और पात्रता के आधार पर 24 गांवों के युवाओं को रोजगार नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में 24 गांव की जमीन एनटीपीसी के लिए अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण के लिए दी गई मुआवजा राशि एक समान नहीं थी। किसी गांव में मुआवाजे के लिए भुगतान की गई राशि कम थी तो किसी में ज्यादा। इसके अलावा एनटीपीसी में स्थानीय युवाओं को नौकरियां और गांवों के विकास के जो वायदे किए गए थे वह अभी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी को 24 गांवों से किए गए करार को पूरा करना चाहिए और एक समान मुआवजा और योग्यता के आधार पर अधिग्रहण से प्रभावित किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी देनी चाहिए। किसान नेता की बातें सुनने के बाद अपर जिला अधिकारी प्रशासन ने एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ एनटीपीसी दादरी से प्रभावित किसानों की समस्याओं का गहनता के साथ चर्चा की। उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज जो समस्याएं एनटीपीसी दादरी के प्रभावित किसानों द्वारा दर्ज करायी गयी है, उनका निस्तारण यथाशीघ्र कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेन्द्र सिंह, डीजीएम (एचआर) एनटीपीसी रितेश भारद्धाज, एजीएम (एचआर) विल्सन अब्राहम, भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा तथा एनटीपीसी क्षेत्र से कृषक उपस्थित रहे।

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संवाददाता

Manisha Jha

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