ई-सिगरेट के साथ तस्कर गिरफ्तार

अमर सैनी

नोएडा। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने ई-सिगरेट की खेप के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से बरामद ई-सिगरेट की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। बताया जा रहा है कि चीन में तैयार ई-सिगरेट खाड़ी देशों के रास्ते भारत लाया जाता है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल भी जब्त किया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रहे हैं।

नोएडा जोन एडीसीपी मनीष मिश्रा ने बताया कि सेक्टर-37 के पास एक संदिग्ध कार को चेकिंग के लिए रोका गया। इस कार की चेकिंग की गई। इसमें से 8 लाख रुपये की चीन निर्मित ई-सिगरेट बरामद हुई। तस्कर की पहचान उत्तराखंड निवासी रियाज अहमद के रूप में हुई है। पुलिस उसके साथियों और मुख्य तस्कर के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। आरोपी के कब्जे से एक कार, ई-सिगरेट और एक मोबाइल बरामद किया है। इसकी डिमांड ज्यादा होने की वजह से इसकी कीमत भी कई गुना बढ़ जाती है। इस तरह की एक सिगरेट 4 से 5 हजार रुपये में बिकती है। एक सिगरेट को पीजी, कॉलेज और अन्य जगहों पर ऑन डिमांड सप्लाई किया जाता था। तस्कर से पूछा जा रहा है कि वह इसे यहां किसको सप्लाई करने के लिए लाया था। उसके व्हाट्सएप ग्रुप की जांच की जा रही है।

अब जानिए क्या है ई-सिगरेट
ई-सिगरेट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम डिवाइस है। इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम डिवाइस बैटरी से चलने वाले डिवाइस होते हैं। ये शरीर में निकोटीन पहुंचाने का काम करते हैं। सामान्य सिगरेट से अलग ई-सिगरेट में तंबाकू नहीं भरा जाता है। और न ही इसे पीने के लिए कहीं से जलाने की जरूरत होती है। कई ई-सिगरेट पीने पर धुआं भी नहीं निकलता। तंबाकू की जगह एक कार्ट्रिज में लिक्विड निकोटीन भरा होता है। कार्ट्रिज खत्म होने पर उसे फिर से भरा जा सकता है। सिगरेट के दूसरे सिरे पर एक एलईडी बल्ब होता है। जो कश लेने पर जलता है। इस तरह ई-सिगरेट पीने वाले लोग धुएं की जगह भाप लेते हैं। इसमें मुख्य रूप से रिचार्जेबल लिथियम बैटरी होती है। एक निकोटीन कार्ट्रिज और फिर इवेपोरेट चैंबर, जिसमें एक छोटा हीटर लगा होता है, यह हीटर बैटरी से गर्म होकर निकोटीन को भाप में बदल देता है।

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