Durga Puja Greater Noida: ग्रेनो में 16 से 21 अक्टूबर तक गूंजेंगे मां दुर्गा के जयकारे, 19 को होगी कुमारी पूजा
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा बंगीय समाज की ओर से छह दिवसीय भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन 16 से 21 अक्टूबर तक सेक्टर गामा-1 स्थित सामुदायिक केंद्र में किया जाएगा। महोत्सव के दौरान मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बंगाल की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोक संगीत और नृत्य की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन का उद्घाटन जिलाधिकारी मेधा रूपम करेंगी।
आयोजकों के अनुसार, महोत्सव के प्रत्येक दिन सुबह और शाम विधिवत पूजा तथा आरती की जाएगी। षष्ठी के बोधन से लेकर विजयादशमी पर विसर्जन और सिंदूर खेला तक सभी प्रमुख अनुष्ठान बंगाल की पारंपरिक पद्धति के अनुसार संपन्न होंगे। इन धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को बंगाल की दुर्गा पूजा परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। छह दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में श्रद्धालुओं और क्षेत्र के लोगों की भागीदारी रहने की उम्मीद है।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 19 अक्टूबर को महाष्टमी के अवसर पर होने वाली कुमारी पूजा होगी। इस धार्मिक अनुष्ठान में कन्या को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उसकी पूजा की जाती है। कुमारी पूजा बंगाल की दुर्गा पूजा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके माध्यम से देवी शक्ति के स्वरूप का सम्मान किया जाता है। आयोजकों के मुताबिक, इस अनुष्ठान को पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा।
धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव में हर शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। इनमें बंगाली लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय प्रतिभाओं की प्रस्तुतियां शामिल होंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन स्थल पर पूजा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी महोत्सव का हिस्सा रहेंगी।
20 अक्टूबर को विशेष डांडिया और गरबा नाइट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्सव का रंग और अधिक देखने को मिलेगा। दुर्गा पूजा के पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इस विशेष कार्यक्रम के जरिए लोगों को सामूहिक रूप से उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलेगा। ग्रेटर नोएडा बंगीय समाज की ओर से आयोजित यह छह दिवसीय महोत्सव धार्मिक आस्था, बंगाली संस्कृति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संगम होगा।

