
Delhi Triple Murder: दिल्ली ट्रिपल मर्डर का खुला राज, 20 साल के बेटे ने ही माता-पिता और बहन का चाकू से काटा गला
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
Delhi Triple Murder: दिल्ली के एक परिवार में तीन हत्याओं के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी अर्जुन, जो दिल्ली ओलंपिक स्टेट बॉक्सिंग में सिल्वर मेडल विजेता है, ने अपने माता-पिता और बहन की हत्या करना कबूल किया। पुलिस के अनुसार, 4 दिसंबर का दिन अर्जुन ने इसलिए चुना क्योंकि यह उसके माता-पिता की मैरिज एनिवर्सरी थी। उसने बताया कि वह परिवार द्वारा किए जाने वाले अपमान और बार-बार रोक-टोक से नाराज था। इसके साथ ही पिता द्वारा दोस्तों के सामने थप्पड़ मारने की घटना ने उसे गहरी ठेस पहुंचाई थी। अर्जुन को लगता था कि परिवार में उसकी बहन को ज्यादा महत्व दिया जा रहा था और उसे नजरअंदाज किया जा रहा था।
वारदात की पूरी कहानी:
4 दिसंबर की सुबह 5 बजे अर्जुन ने अपने पिता, मां और बहन की हत्या करने का फैसला किया। उसने सबसे पहले अपनी बहन को आर्मी चाकू से मारा, फिर मां की हत्या की, और अंत में फर्स्ट फ्लोर पर जाकर पिता को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर कोई छेड़छाड़ या जबरन घुसपैठ के निशान नहीं मिले। बेटे ने पहले बताया कि वह सुबह 5:30 बजे घर से निकला था और 6:30 बजे लौटने पर परिवार के मृत मिलने की सूचना दी। हालांकि, उसके हाथ पर चोटों के निशान थे और वह बयान बदल रहा था। सीसीटीवी फुटेज में भी घर में बेटे के अलावा किसी अन्य की एंट्री-एग्जिट नहीं दिखी। सख्ती से पूछताछ करने पर अर्जुन ने अपना गुनाह कबूल किया।
अर्जुन का बैकग्राउंड:
अर्जुन धौला कुंआ के आर्मी पब्लिक स्कूल का छात्र रह चुका है और वर्तमान में मोतीलाल नेहरू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा है। वह न केवल दिल्ली ओलंपिक स्टेट बॉक्सिंग में सिल्वर मेडल जीत चुका है, बल्कि कॉलेज इंटरस्टेट बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुका है। इस हत्याकांड ने न केवल परिवार में तनावपूर्ण रिश्तों को उजागर किया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे भावनात्मक चोटों ने अर्जुन को इस खौफनाक अपराध के लिए उकसाया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।